Saturday, August 30, 2025
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छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में बढ़ोत्तरी पर सियासी संग्राम: डेढ़ साल में चौथी बार दरें बढ़ीं, कांग्रेस ने बताया ‘जनता की जेब पर डकैती’…

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली की दरों में चौथी बार वृद्धि को लेकर कांग्रेस ने राज्य की भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला है। कांग्रेस ने इसे “जनता की जेब पर डकैती” करार देते हुए कहा है कि भाजपा सरकार बिजली उपभोक्ताओं को लूट रही है। पार्टी ने आंकड़ों के साथ दावा किया है कि डेढ़ साल के भीतर बिजली की दरों में कुल 80 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है, जो लगभग 13 प्रतिशत बढ़ोतरी के बराबर है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि घरेलू उपभोक्ताओं पर 10 से 80 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे आमजन की जेब पर बोझ पड़ रहा है। कृषि पंप में 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि से किसान भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

यूपीए सरकार की तुलना में भारी बढ़ोत्तरी

कांग्रेस ने पूर्ववर्ती सरकारों से तुलना करते हुए बताया कि 2003 से 2018 के बीच भाजपा सरकार ने लगातार हर साल बिजली दरें बढ़ाईं, जबकि 2018 से 2023 तक कांग्रेस की सरकार के दौरान महज 2 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हुई थी। वहीं मौजूदा भाजपा सरकार ने मात्र डेढ़ साल में ही 80 पैसे की बढ़ोत्तरी कर दी है।

वर्षानुसार बिजली दरें इस प्रकार रही हैं:

वर्ष बिजली दर (₹/यूनिट) वृद्धि
2003–04 3.30
2017–18 6.40 +3.10
2018–19 6.20
2019–20 5.93 -0.27
2020–21 5.93 0
2021–22 6.08 +0.15
2022–23 6.22 +0.12
2023–24 6.22 0
वर्तमान 7.02 +0.80

कांग्रेस का दावा है कि उनकी सरकार के कार्यकाल में पांच वर्षों में केवल 2 पैसे की वृद्धि हुई, जबकि वर्तमान भाजपा सरकार ने डेढ़ वर्ष में ही 80 पैसे प्रति यूनिट बढ़ा दिए।

बिजली की कटौती, महंगी दरें और लचर आपूर्ति

कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार उपभोक्ताओं को पूर्ण रूप से बिजली उपलब्ध नहीं करा पा रही है और राज्यभर में लगातार कटौती हो रही है। इसके साथ ही कोयले, डीजल, फायर व बिजली खरीद में भ्रष्टाचार के चलते बिजली की लागत और अधिक बढ़ा दी गई है।

कांग्रेस का यह भी कहना है कि कई सरकारी विभागों में बिजली बिल का भुगतान नहीं हो रहा, जिससे बकाया बिल की भरपाई आम जनता से की जा रही है।

कांग्रेस सरकार की योजनाओं की प्रशंसा

कांग्रेस ने कहा कि उनकी सरकार ने “बिजली बिल हाफ योजना” के तहत लगभग 65 लाख उपभोक्ताओं को 3240 करोड़ रुपये की राहत दी थी। किसानों को 5 हॉर्स पावर तक निःशुल्क बिजली दी गई थी और बीपीएल परिवारों को 40 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान की गई थी।

भाजपा नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप

प्रेस वार्ता में भाजपा के नेताओं, मंत्रियों और अधिकारियों पर बिजली विभाग में भ्रष्टाचार करने और सरकारी बिजली का मनमाने तरीके से उपयोग करने का आरोप लगाया गया। कांग्रेस ने कहा कि सत्ता के संरक्षण में बिजली चोरी और लाइन लॉस जैसे मामलों से नुकसान की भरपाई जनता से की जा रही है।

कांग्रेस का आंदोलन का ऐलान

अंत में कांग्रेस ने राज्य सरकार को चेतावनी दी है कि अगर बिजली दरों में वृद्धि और अघोषित कटौती जैसी समस्याएं दूर नहीं की गईं, तो पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा।

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