Wednesday, March 18, 2026
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बिलासपुर: उफनते नाले में बच्चों की जान से खिलवाड़, प्रशासन बेपरवाह, पुल पर बह रहा पानी बना खतरनाक खेल का मैदान…

बिलासपुर, 27 जुलाई 2025।
लगातार हो रही भारी बारिश ने बिलासपुर में नदी-नालों को उफान पर ला दिया है। कई क्षेत्रों में जलभराव और तेज बहाव के कारण अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद लापरवाही का आलम यह है कि लोग खासकर बच्चे अपनी जान की परवाह किए बिना उफनते नालों में खेल रहे हैं।

ताजा मामला तिफरा क्षेत्र की श्रीराम पार्क कॉलोनी का है, जहां गोखने नाला पूरी तरह उफान पर है। इस नाले पर बने एक छोटे पुल से पानी ऊपर तक बह रहा है, जो बेहद खतरनाक स्थिति पैदा कर रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इसी पुल पर 5 से 7 साल के मासूम बच्चे न केवल खेल रहे हैं, बल्कि साइकिल चला रहे हैं और पुल को आर-पार भी कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों ने कई बार बच्चों को रोका और उनके परिजनों को भी चेताया, लेकिन बात नहीं बनी। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे हैरानी की बात यह है कि अब तक प्रशासन की कोई नजर नहीं पड़ी है। न तो कोई निगरानी व्यवस्था है, न ही चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग लगाई गई है।

बारिश के दिनों में नालों और पुलों का बहाव अचानक तेज हो सकता है। जरा सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है। इसके बावजूद जब बच्चे ऐसे स्थलों पर बिना किसी सुरक्षा के खेलते हैं, तो वह मौत को सीधे दावत दे रहे होते हैं।

बीते कुछ दिनों में शहर में तेज बहाव में बहने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसमें मासूमों की जान भी गई है। इसके बावजूद संबंधित विभागों की लापरवाही समझ से परे है। नाला किनारे चेतावनी बोर्ड लगाना, बैरिकेडिंग करना और स्थानीय नागरिकों को जागरूक करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, जो अब तक पूरी होती नहीं दिख रही।

श्रीराम पार्क कॉलोनी के रहवासियों ने बताया कि वे कई बार बच्चों को समझा चुके हैं, लेकिन बच्चे नहीं मान रहे। कुछ ने कहा कि यह जिम्मेदारी प्रशासन और बच्चों के अभिभावकों की भी है कि वे इस गंभीर स्थिति को समझें और बच्चों को ऐसे खतरनाक खेल से दूर रखें।

अब क्या जरूरी है?

  • तत्काल बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाना।
  • प्रशासन द्वारा गश्त और निगरानी बढ़ाना।
  • अभिभावकों को जागरूक करना और बच्चों पर नजर रखना।
  • स्कूलों और मोहल्लों में जागरूकता अभियान चलाना।

बारिश के मौसम में सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ प्रशासन की नहीं, समाज और हर परिवार की भी है। मासूमों की जान से कोई समझौता नहीं होना चाहिए, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

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