Tuesday, January 6, 2026
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कांग्रेस सरकार पर भाजपा का बड़ा आरोप: गाइडलाइन दरें घटाकर जमीनों में खपाया गया घोटालों का काला धन… शिवरतन शर्मा…

बिलासपुर।
कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए भाजपा के संभाग प्रभारी शिवरतन शर्मा ने कहा है कि कांग्रेस शासनकाल में गाइडलाइन दरों को बढ़ाने के बजाय जानबूझकर 30 प्रतिशत तक घटा दिया गया, ताकि कोयला, शराब, पीएससी, महादेव ऐप, धान और डीएमएफ जैसे बड़े घोटालों से अर्जित हजारों करोड़ रुपये के काले धन को जमीन-जायदाद में खपाया जा सके। यह आरोप उन्होंने आज बिलासपुर में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान लगाए।

शर्मा ने कहा कि वर्ष 2022 में कांग्रेस सरकार ने कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में गाइडलाइन दरों को अस्थायी रूप से 40 प्रतिशत तक कम कर दिया था। इसका उद्देश्य साफ था—भ्रष्टाचार से अर्जित धन को खास इलाकों में जमीनों की खरीद के माध्यम से वैध रूप देना। उन्होंने दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि कांग्रेस नेताओं और उनके करीबियों ने बीते पांच वर्षों में बड़े पैमाने पर जमीन और संपत्तियों में निवेश किया है।

उन्होंने कहा कि डेढ़ सौ से दो सौ एकड़ तक के फार्म हाउस बनाए गए, सैकड़ों संपत्तियों पर अवैध कब्जा किया गया और अब ईडी द्वारा ऐसी सैकड़ों से अधिक संपत्तियों को अटैच किया जा चुका है। यह कांग्रेस के भ्रष्टाचार की जीवंत मिसाल है।

संभाग प्रभारी ने ग्रामीण क्षेत्रों की दर प्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में दो तरह की दरें लागू थीं—वर्गमीटर दर और हेक्टेयर दर। 500 वर्गमीटर तक की भूमि पर वर्गमीटर दर लागू होती थी, जबकि उससे अधिक क्षेत्रफल पर हेक्टेयर दर, जिसमें 5 से 20 गुना तक का अंतर था। इस व्यवस्था का जमकर दुरुपयोग किया गया।

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के समय भू-अर्जन में भी बड़े घोटाले हुए। भारतमाला परियोजना, एनटीपीसी अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट, उरगा-कटघोरा राष्ट्रीय राजमार्ग और अरपा-भैंसाझार परियोजना इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

शर्मा ने बताया कि पूर्व में ग्रामीण क्षेत्रों में परिवर्तित भूमि की खरीद पर ढाई गुना दर से स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क लिया जाता था, जिसे अब संशोधित कर सिंचित भूमि की दर के अनुसार कर दिया गया है। असिंचित भूमि पर 20 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इसी तरह दो फसली भूमि पर लगने वाला 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी समाप्त कर दिया गया है।

शहरी क्षेत्रों को लेकर उन्होंने कहा कि अब फ्लैट या बहुमंजिला भवनों में केवल बिल्टअप एरिया के आधार पर ही रजिस्ट्री शुल्क लिया जाएगा, जबकि पहले सुपर बिल्टअप एरिया पर शुल्क देना पड़ता था। इससे मध्यम वर्गीय परिवारों को 20 से 30 प्रतिशत तक का सीधा लाभ मिलेगा।

संभाग प्रभारी ने स्पष्ट किया कि जनभावनाओं के अनुरूप आवश्यक संशोधन करने में सरकार को कोई आपत्ति नहीं है और जनहित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सिंह, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष हर्षिता पाण्डेय, कोषाध्यक्ष गुलशन ऋषि, जिला मीडिया प्रभारी के.के. शर्मा, सह प्रभारी दुर्गेश पाण्डेय और प्रदीप कौशिक तखतपुर उपस्थित रहे।

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