रायपुर। उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2013 में नियुक्त शासकीय महाविद्यालयों के प्रयोगशाला तकनीशियनों की परिवीक्षा अवधि समाप्त करने और नियमानुसार वेतन एरियर्स भुगतान की स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह आदेश आयुक्त, उच्च शिक्षा द्वारा 27 फरवरी 2026 को जारी किया गया है, जो उच्च न्यायालय बिलासपुर में दायर याचिका (डब्ल्यूपीएस क्रमांक 3949/2020) में दिए गए निर्देशों के पालन में पारित किया गया है।
जारी आदेश के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न शासकीय महाविद्यालयों में वर्ष 2013 में नियुक्त प्रयोगशाला तकनीशियनों ने निर्धारित मानकों को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है। विभागीय समिति की अनुशंसा के आधार पर उनकी परिवीक्षा अवधि समाप्त मानी गई है और परिवीक्षा अवधि समाप्ति उपरांत देय तिथि से नियमानुसार वेतन एरियर्स भुगतान करने की स्वीकृति दी गई है।
आदेश में प्रदेश के अलग-अलग जिलों—जैसे रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, सरगुजा, बस्तर, जशपुर, कांकेर, धमतरी, दंतेवाड़ा, कोरिया, कवर्धा, गरियाबंद सहित अन्य क्षेत्रों के शासकीय महाविद्यालयों में पदस्थ कुल 48 कर्मचारियों के नाम सूचीबद्ध किए गए हैं। इनमें रामानुजनगर, बलौदा, कवर्धा, पंडरिया, कांकेर, चरामा, सीतापुर, जशपुर, किरंदुल, दल्लीराजहरा, आरासेकोला, सिलफिली और अन्य महाविद्यालयों के तकनीशियन शामिल हैं।
हालांकि आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उक्त कर्मचारियों की नियुक्ति राज्य आर्थिक अपराध ब्यूरो, छत्तीसगढ़ में पंजीकृत शिकायत क्रमांक आर/शिकायत-888/2019 की जांच के अधीन रहेगी। अर्थात, एरियर्स भुगतान की स्वीकृति जांच प्रक्रिया से स्वतंत्र नहीं होगी और यदि जांच में कोई प्रतिकूल तथ्य सामने आते हैं तो शासन नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र रहेगा।
उच्च शिक्षा संचालनालय, अटल नगर, नवा रायपुर से जारी इस आदेश की प्रतिलिपि संबंधित संभागीय संयुक्त संचालकों, संबंधित महाविद्यालयों के प्राचार्यों, कोषालय अधिकारियों तथा संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई है।
करीब एक दशक से लंबित इस मामले में आए आदेश से 2013 बैच के प्रयोगशाला तकनीशियनों को बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से परिवीक्षा अवधि समाप्ति और एरियर्स भुगतान की मांग कर रहे कर्मचारियों के लिए यह निर्णय आर्थिक और सेवा संबंधी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, जांच की शर्त जुड़े होने से प्रशासनिक सतर्कता भी बनी हुई है।


