बिलासपुर।
देश में लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और कूटनीतिक फैसलों को निशाने पर लेते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि मौजूदा हालात सरकार की नीतिगत विफलताओं का परिणाम हैं, जिसका सीधा असर आम जनता की जिंदगी पर पड़ रहा है।
बिलासपुर में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि महंगाई अब केवल एक आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि आम आदमी के अस्तित्व का सवाल बन चुकी है। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री के नेतृत्व में आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जनता को राहत देने में पूरी तरह असफल रही है।
कांग्रेस ने हाल ही में गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को मुद्दा बनाते हुए कहा कि कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 195 रुपये की वृद्धि हुई है, जबकि पिछले तीन महीनों में यह बढ़ोतरी 525 रुपये तक पहुंच चुकी है। घरेलू गैस सिलेंडर के दाम भी 62 रुपये बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ गया है। नेताओं का कहना है कि जो सिलेंडर कभी 400 रुपये के आसपास मिलता था, वह अब 900 से 1000 रुपये तक पहुंच गया है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए गए। कांग्रेस का आरोप है कि एक्साइज ड्यूटी घटाने के दावे के बावजूद कई राज्यों में ईंधन के दाम बढ़े हैं, जिससे परिवहन लागत में इजाफा हुआ और इसका असर हर वस्तु की कीमत पर पड़ा है। एविएशन फ्यूल महंगा होने से हवाई यात्रा भी आम लोगों की पहुंच से दूर होती जा रही है।
रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में तेजी से हुई बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि खाद्य तेल, आटा, दाल और अन्य आवश्यक वस्तुएं आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। खाद्य तेल का उदाहरण देते हुए बताया गया कि जो कभी 70 रुपये प्रति लीटर था, वह अब 200 रुपये के करीब पहुंच चुका है।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि उसकी नीतियां आम जनता के बजाय बड़े पूंजीपतियों को फायदा पहुंचा रही हैं। सार्वजनिक उपक्रमों और संसाधनों का लाभ सीमित वर्ग तक सिमट गया है, जबकि आम नागरिक महंगाई और घटती आय से जूझ रहा है।
पूर्ववर्ती यूपीए सरकार का हवाला देते हुए कांग्रेस ने कहा कि उस समय मनरेगा जैसी योजनाओं के जरिए रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई थी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली थी। लेकिन वर्तमान सरकार ने इन योजनाओं को कमजोर कर दिया है, जिससे लोगों की आय पर नकारात्मक असर पड़ा है और आर्थिक असमानता बढ़ी है।
शिक्षा और बैंकिंग सेवाओं पर बढ़ते खर्च को लेकर भी सरकार को घेरा गया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि रेलवे टिकट से लेकर स्कूल-कॉलेज की फीस और बैंकिंग सेवाओं के शुल्क तक, हर क्षेत्र में लागत बढ़ रही है, जिससे मध्यम वर्ग और गरीब तबका सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है।
अंत में कांग्रेस ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि महंगाई पर जल्द प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है। पार्टी ने सरकार से ठोस कदम उठाने और आम जनता को राहत देने की मांग की है।
महंगाई के मुद्दे पर जारी यह सियासी घमासान आने वाले समय में और तेज होने के संकेत दे रहा है, जहां एक ओर विपक्ष सरकार को घेरने में जुटा है, वहीं आम जनता राहत की उम्मीद में सरकार की ओर देख रही है।


