बिलासपुर, 19 फरवरी 2026। केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर “वीबी जी राम जी” किए जाने के प्रस्तावित निर्णय के विरोध में कांग्रेस ने देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ बिलासपुर में भी जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया गया।
शहर के नेहरू चौक में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्रित हुए। “मनरेगा बचाओ अभियान” के तहत आयोजित सभा में वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर ग्रामीण रोजगार और महात्मा गांधी की विचारधारा से जुड़े प्रतीकात्मक महत्व को कमजोर करने का आरोप लगाया। जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री और शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट तक रैली निकालने का प्रयास किया।
रैली जैसे ही कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ी, प्रशासन पहले से सतर्क नजर आया। भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ करीब 12 फीट ऊंची बैरिकेडिंग कर दी गई थी। कलेक्ट्रेट पहुंचने से पहले ही पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और हल्की झड़प की स्थिति बन गई।
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब जिला ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री पुलिस घेरा तोड़ते हुए बैरिकेड तक पहुंच गए। इसके बाद कई कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका, लेकिन कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग के पास जोरदार नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया। कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग को लात और हाथ से मारते हुए अपना आक्रोश जताया।
हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के फैसले को “गरीब विरोधी” करार देते हुए इसे ग्रामीण मजदूरों के हितों के खिलाफ बताया।
करीब घंटों तक चले प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने एडिश्नल कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मनरेगा का नाम परिवर्तन वापस लेने की मांग करते हुए कहा गया कि इससे ग्रामीण रोजगार योजना की मूल भावना और ऐतिहासिक पहचान प्रभावित होगी।


