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कौन सच्चा, कौन झूठा, जानना है तो अपनाएं ये ट्रिक..

कौन सच्चा, कौन झूठा, जानना है तो अपनाएं ये ट्रिक..

ऊपर वाले ने इंसान को बुद्धी विवेक जैसे गुणों से नवाजा और दूसरे प्रजातियों से बेहतर होने की काबिलियत दी पर इंसान ने इसी काबिलियत का प्रयोग कर कई सारी बुराईयां पाल ली जिसमें एक सबसे बड़ी बुराई है झूठ बोलना। आजकल के समय में दुनिया में लगभग हर इसांन अपनी सुविधानुसार झूठ बोलता है… कई बार तो सामने वाला चतुरता दिखाते हुए इतनी सफाई से झूठ बोलता है कि आप उसके झूठ को भी सच मानने की भूल कर बैठते हैं और बाद में आपको इस भूल का अफसोस होता है। लेकिन कुछ चतुराई आप भी अगर दिखा पाएंगे तो लोगों के झूठ के झासें में फंसने से बच सकते है..जीं हां आज हम आपको कुछ ऐसे व्यवहारिक बातों के बारे में बता रहे हैं जिसे ध्यान रखकर आप लोगों के झूठ और फरेब को आसानी से पकड़ सकते हैं।

आँखे बताती हैं सब कुछ

अगर आप को कभी किसी व्यक्ति पर झूठ बोलने का संदेह हो रहा हो तो सबसे पहले उसकी आंखो को गौर से देखिए क्योंकि जुबान भले ही झूठ बोल लेती है पर आंखे हमेशा सच बोलती हैं। आमतौर पर झूठ बोलने वाले लोग, आंख मिलाने की कोशिश नहीं करते या फिर कुछ ज़्यादा ही आई कॉन्टेक्ट बनाने की कोशिश करते हैं. अगर कोई आपकी आंखों में देखकर कोई बात नहीं कह पा रहा है तो बहुत संभव है कि ये व्यक्ति आपसे झूठ कह रहा है।

 बॉडी लैंग्वैंज से पहचाने झूठ बोलने वाले को

लोगों के हावभाव को नोटिस कर ये जाना जा सकता है कि सामने वाला व्यक्ति झूठ बोल रहा है या सच! कोई शख़्स अगर आपके साथ ईमानदारी नहीं बरत रहा है तो उसकी बॉडी लैंग्वेज में एक अजीब सी असहजता ज़रूर नोटिस कर पाएंगे जैसे कि तेजी से पलकें झपकाना, स्माइल कम हो जाना, हाथ बांध कर खड़ा होना, रक्षात्मक मुद्रा में आ जाना।

लहजा बताता है झूठ का सच

बाचचीत के वक्त इंसान का लहजा भी ये बताता है कि सामने वाला झूठ बोल रहा है या सच। आमतौर पर झूठ बोलते समय लोग थोड़ा हकलाते हैं और संकोच करते हैं बशर्ते वे कोई प्रोफ़ेशनल एक्टर्स न हों। साथ ही झूठे लोग अक्सर सामने वाले शख़्स के शब्दों का इस्तेमाल करते हुए सवाल का जवाब देने की भी कोशिश करते हैं।

4 गुस्सा खोल देता है झूठ की पोल

झूठ बोलने वाले अक्सर अपना झूठ पकड़े जाने पर अक्सर कई लोग झुंझला सकते हैं और अपनी बात को सच साबित करने के लिए आक्रामक हो सकते हैं।दरअसल झूठा व्यक्ति जल्दी ही रक्षात्मक मुद्रा में आ जाता है वहीं निर्दोष व्यक्ति मामले में बहस कर सकता है और आक्रामक मुद्रा अख्तियार कर सकता है।

5 मुद्दे से भटकातें हैं झूठे लोग

अक्सर झूठ बोलने के बाद लोग सामने वाले का ध्यान भटकाने के लिए मुख्य मुद्दे से हटकर दूसरी बातो पर चर्चा करने लगते हैं क्योंकि जब लोग सच बोलना नहीं चाहते हैं तो वे अक्सर प्रासंगिक मुद्दे की जगह फ़ालतू प्वाइंट पर फ़ोकस शुरु कर सकते हैं।

6 बातचीत का टॉपिक बदलकर पहचान सकते हैं झूठ को

सामने वाले के झूठ को पकड़ने के लिए आप एक ट्रिक भी आज़मा सकते हैं…अगर आपको लगता है कि कोई इंसान झूठ बोल रहा है तो बातचीत का टॉपिक जल्दी बदल दें… ऐसा होने पर इस बात के चांसेस अधिक हैं कि झूठा व्यक्ति इस बात से मन ही मन खुश हो और आपके इस फ़ैसले पर सहज रहे, वहीं सच्चा व्यक्ति इस बात से थोड़ा कंफ्यूज़ हो सकता है और आपके टॉपिक बदलने की बात का विरोध जता सकता है।

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