वैज्ञानिकों ने फिर से खोज निकाला एक ‘खतरनाक उल्कापिंड’, पृथ्वी पर ला सकता है बड़ी भारी तबाही…

अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने स्पेस में धरती का एक और दुश्मन खोज निकाला है। पहले यह एस्टेरॉयड हमारे गृह को नुकसान नहीं पहुंचाने वाला था लेकिन अब इसके गति की दिशा बदल चुकी है। यह पृथ्वी के लिए खतरनाक उल्कापिंड है जो धरती से तेजी से टकरा सकता है।

ऐस्टेरॉयड की गति से वैज्ञानिकों को आश्चर्य

उल्कापिंड एपोफिस के पुराने सारे डेटा बदल गए। इसका कारण उसकी गति की दिशा का बदलना माना जा रहा है। इसके बाद साइंटिस्ट्स ने ऐस्टेरॉ के करीब पहुंचने के दौरान नए सिरे से शुरुआत करनी पड़ी। वैज्ञानिकों ने दिसंबर 2020 से मार्च 2021 में एस्टेरॉयड का अध्ययन किया। जिसमें पता चला कि एस्टेरॉयड धरती के बगल न निकल कर सीधे टक्कर करेगा।

तबाही मचा सकता है खतरनाक उल्कापिंड

वैज्ञानिकों का दावा है कि एस्टेरॉयड साल 2029 में धरती से टकरा सकता है। पहले इसके नीले ग्रह के बगल से निकलाने की आशंका थी लेकिन अब वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इसकी पृथ्वी से भयंकर टक्कर हो सकती है। यह ग्रह जिस गति से पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है 13 अप्रैल 2029 तक पृथ्वी की सतर स टकरा सकता है।

18 देशों के 100 से अधिक वैज्ञानिकों ने की स्टडी

अंतरिक्ष में कई एस्टेरॉयड ऐसे हैं जो पृथ्वी के दुश्मम हैं। पृथ्वी को उल्कापिंडों से होने वाले नुकसान पर सर्वे किया गया। इससे जुड़ा अध्ययन देश के 18 देशों के वैज्ञानिकों ने किया है। जिसमें यह देखा गया कि संभावित रूप से खतरनाक क्षुद्रग्रहों किस तरह धरती को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

48 साथ बाद एक और उल्कापिंड पृथ्वी से टकराएगा

पृथ्वी पर तबाही मचाने वाले कुख्यात एस्टेरॉयड का नाम एपोफिस है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अनुसार एपफिस 1200 फीट चौड़ा है। इसका आकार साढ़े तीन फुटबाल के मैदान के बराबर है। जिस गति से यह धरती की ओर बढ़ रहा है अगर यही गति और दिशा रही तो यह 48 साल बाद 2068 तक पृथ्वी से टकरा सकता है।

2004 में उल्कापिंडों एपोफिस का चला था पता

2004 में पहली बार एपोफिस की मौजूदगी का पता चला था। इसको लेकर अंतरिक्ष की वैज्ञानिकों की भविष्यवाणी ने दुनिया में हलचल मचा दी थी। अध्ययन में पता चला कि एपोफिस 2029 में वर्ग एक से शुरू होकर पृथ्वी को प्रभावित नहीं कर रहा था। वस्तु की कक्षा में बड़ी अनिश्चितताएं थीं।

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