क्राइमदेश

438 करोड़ रुपए के बिटकॉइन के साथ आरोपी गिरफ्तार, चाह कर भी पुलिस नहीं करा सकती कैश, जानें पूरा मामला…

आपने कई बार सुना होगा कि पुलिस बड़ी आसानी से अपराधी को पकड़ लेती है, लेकिन क्या कभी ऐसा सुना है कि यह जानने के बावजूद कि चोरी का पैसा कहां छिपा है फिर भी पुलिस उसे जब्त नहीं कर सकती। जी हां, ऐसे बिल्कुल हो सकता है। इसका ताजा उदाहरण जर्मनी से सामने आया, जहां एक शख्स को ठगी के जुर्म में पुलिस ने तो गिरफ्तार कर लिया लेकिन अब उससे पैसों की वसूली करने में पुलिस को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

438 करोड़ के बिटकॉइन जब्त

दरअसल, जर्मनी पुलिस बिटकॉइन फर्जीवाड़े में एक शख्स को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से पुलिस ने 50 मिलियन यूरो (438 करोड़ रुपए) के बिटकॉइन जब्त किए है। अब मामला यहां फंसा है कि ठगी का आरोपी मामले में पूछताछ का सामना कर जेल भी जा चुका है लेकिन वह पासवर्ड बताने को तैयार नहीं है। इस वजह से पुलिस अब 1700 से भी अधिक बिटकॉइन्स को कैश नहीं करा पा रही।

बिटकॉइन की कीमत आसमान पर

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस जल्द से जल्द बिटकॉइन्स को कैश कराना चाहती है, क्योंकि वर्तमान में बिटकॉइन की कीमत आसमान छू रहे हैं। लेकिन आरोपी ऐसा नहीं करने दे रहा है। अभियोजन पक्ष के वकील सबैस्टियन म्यूरर ने कोर्ट में बताया कि आरोपी से पासवर्ड निकलवाले की कोशिश की जा रही है, लेकिन वह कुछ बताने को तैयार नहीं है। वकील के मुताबिक आरोपी को सच में पासवर्ड पता नहीं होगा।

डिजिटल वॉलट के लिए पासवर्ड जरूरी

आपको बता दें कि क्रिप्टो करेंसी डिजिटल वॉलट में स्टोर होती है जिसे इन्क्रिप्शन के जरिए प्रोटेक्ट किया जाता है। बिटकॉइन्स को डिजिटल वॉलट ने निकालने के लिए डिक्रिप्शन की का होने जरूरी है, जिससे यूजर को एक्सेस मिलता है। बिना पासवर्ड के डिजिटल वॉलट को नहीं खोला जा सकता और ना ही बिटकॉइन को कैश किया जा सकता है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।

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