Tuesday, March 10, 2026
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कांग्रेस को आज अविश्वास प्रस्ताव पर अपने विचार रखने के लिए 38 मिनट का समय मिलेगा

ताज़ाख़बर36गढ़:- बीते दिनों कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अमेठी के दौरे पर थे।  इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी पर उन्होंने हमला बोलते हुए कहा कि अगर मैं १५ मिनट संसद में भाषण दूं तो प्रधानमंत्री मेरे सामने खड़े नहीं हो पाएंगे। राहुल गांधी की यह ‘मुराद’ आज पूरी होने जा रही है।

मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस को आज अविश्वास प्रस्ताव पर अपने विचार रखने के लिए 38 मिनट का समय मिलेगा। कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी और सदन में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे भी इस प्रस्ताव पर बोल सकते है। वहीं सदन में बहुमत वाली सत्तारूढ़ बीजेपी को चर्चा में तीन घंटे और 33 मिनट का समय दिया गया है। राहुल गांधी के 15 मिनट मांगने वाले बयान का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पलटवार किया था। बीते दिनों प्रधानमंत्री ने कर्नाटक के चुनाव प्रचार के दौरान कहा कहा कांग्रेस अध्यक्ष ने मुझे चुनौती दी कि अगर वह 15 मिनट संसद में बोलेंगे तो मैं वहां बैठ नहीं पाऊंगा। लेकिन वह अगर 15 मिनट बोलेंगे यह भी बड़ी बात है और मैं बैठ नहीं पाऊंगा तो मुझे याद आता है कि क्या सीन है।

प्रधानमंत्री ने तंज करते हुए कहा था कि हम कांग्रेस के अध्यक्ष के सामने नहीं बैठ सकते हैं, आप नामदार हैं हम कामदार हैं. हम तो अच्छे कपड़े भी नहीं पहन सकते हैं आपके सामने कैसे बैठेंगे. पीएम ने तंज कसते हुए कहा, ‘आप (राहुल) जिस भाषा में भी बात कर सकें, हाथ में कागज लिए बगैर कर्नाटक सरकार की उपलब्धियां ही जनता के सामने बोल दीजिए.’ पीएम मोदी यही नहीं रुके उन्होंने कहा कि राहुल बिना कागज के 15 मिनट केवल बोलकर दिखाएं. राहुल गांधी 15 मिनट में केवल 5 बार विश्वेश्वरैया का नाम लेकर दिखाए।

अविश्वास प्रस्ताव लाने वाली तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) आज लोकसभा में इस पर चर्चा की शुरुआत करेगी. लोकसभा अध्यक्ष ने बोलने के लिए टीडीपी को 13 मिनट का समय दिया है. पार्टी की ओर से जयदेव गल्ला पहले वक्ता होंगे.वहीं अन्य विपक्षी दल अन्नाद्रमुक , तृणमूल कांग्रेस , बीजू जनता दल (बीजद), तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) को क्रमश: 29 मिनट , 27 मिनट , 15 मिनट और 9 मिनट का समय दिया गया है। बता दें कि बुधवार को लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने तेलुगू देशम पार्टी के सांसदों की तरफ से दिए गए अविश्वास प्रस्ताव की स्वीकार कर लिया था. टीडीपी के अलावा वाईएसआर कांग्रेस भी इस प्रस्ताव का समर्थन कर रही है. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस, एआईएडीएमके, एआईएमआईएम और आम आदमी पार्टी ने भी अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने की घोषणा की है. मोदी सरकार के खिलाफ पहला अविश्वास प्रस्ताव है.

राहुल गाँधी ! कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। अगर मैं 15 मिंट संसद में बोलूं तो प्रधान मंत्री जी मेरे सामने बैठ नहीं पाएंगे क्या ऐसी भाषा किसी भी दाल के अध्यक्ष के मुंह से अच्छी लगती है। कितना घमंड है राहुल को गाँधी परिवार में पैदा होने पर लेकिन घमंडी का सर हमेशा ही नीचे होता है क्या पिछले 40 मास में राहुल को संसद में बोलने के लिए 15 मिंट का समय भी अभी तक नहीं मिला अब कांग्रेस को 38 मिंटन का समय मिला है आशा है संसद में राहुल का 38 मिनट का भाषण प्रधान मंत्री को संसद से ही बहार जाने पर मजबूर नहीं करेगा बल्कि देश से बहार भागने पर बाध्य करेगा देखते है। हम सब राहुल का भाषण क्या करामात कर दिखता है।

ठीक है लेकिन सदन में बोल कर ही राहुल बाबा क्या कमाल कर देंगें अभी राहुल के पास चुनौतिओं का पहाड़ है एक तरफ धूर्त सत्ता पक्ष दुसरे तरफ मजबूत हो रहे क्षेत्रीय दल इन दोनों से राहुल बाबा फिलहाल तो निपट नहीं पायेंगें कांग्रेस अगले आम चुनाव में 60-80 सीट भी जीत जाय वो भी बहुत है कई राज्यों में पार्टी का कोई जनाधार ही नहीं बचा ऐसी बुरी स्तिथि पार्टी की कभी नहीं हुयी
कांग्रेस का ऐसा हल तो होना ही था। कांग्रेस अब सिर्फ गाँधी परिवार  की पार्टी होकर रह गई है। 1967 में राष्ट्रपति चुनाव के समय अगर इंदिरा को कांग्रेस से निष्कासित कर दिया होता तो आज कांग्रेस की ऐसी दशा नहीं होती मनमोहन सरकार द्वारा पारित एक बिल को राहुल गाँधी ने फाड़कर कचरे की टोकरी में फ़ेंक दिया कांग्रेस के किसी नेता ने चूं नहीं की मनमोहन सिंह जी उस समय अमेरिका में थे। कितना भरी अपमानहुआ था उनका लेकिन सरदार साहब उसको ज़हर के घूँट की तरह पी गए।

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