(ताज़ाख़बर36गढ़) केंद्र सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना में कई बड़े बदलाव किए हैं। अब इस योजना में खाता खुलवाने के लिए आपको सिर्फ 250 रुपये जमा कराने होंगे, जो पहले 1000 रुपये थे। इस योजना में बदलाव करने के पीछे की वजह यह बताई गई है कि अब ज्यादा से ज्यादा लोग इस स्कीम का फायदा उठा सकेंगे। अगर आप भी बेटी के पिता हैं तो केंद्र सरकार की यह स्कीम आपके काफी काम की है।
सुकन्या समृद्धि योजना से जुड़े नियमों में यह सबसे अहम बदलाव है। पहले इस योजना के तहत खाता खोलने के लिए 1000 रुपये जमा करने पड़ते थे, लेकिन अब आप अपनी बच्ची के लिए यह खाता महज 250 रुपये में ही खोल सकते हैं। नियम में यह बदलाव सुकन्या समृद्धि योजना (संशोधन) कानून, 2018 के अन्तर्गत किया गया है। सरकार की तरफ से आम लोगों को ध्यान में रखते हुए सुकन्या समृद्धि योजना में सालाना आधार पर न्यूनतम राशि रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। पहले सालाना 1000 रुपये न्यूनतम जमा होना अनिवार्य बनाया गया था, लेकिन अब इसे भी घटाकर महज 250 रुपये कर दिया गया है. नए नियम 6 जुलाई 2018 से प्रभाव में हैं।

शुरुआत में सुकन्या समृद्धि योजना में खाता पर ब्याज सालाना आधार पर मिलता था, लेकिन नए नियम के मुताबिक सरकार इस योजना के तहत जमा राशि पर हर तिमाही नए सिरे से ब्याज का निर्धारण करेगी। ऐसा प्रावधान अन्य छोटी बचत योजनाओं जैसे- पीपीएफ, और सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम आदि में पहले से है।फिलहाल सुकन्या समृद्धि योजना में 8.1 प्रतिशत का ब्याज (चक्रवृद्धि) सालाना मिलता रहा है। सुकन्या समृद्धि योजना का खाता आप किसी भी पोस्ट ऑफिस या बैंकों की अधिकृत शाखा में खुलवा सकते हैं. आम तौर पर जो भी बैंक पीपीएफ खाता खोलने की सुविधा उपलब्ध कराते हैं, वे सुकन्या समृद्धि योजना का खाता भी खोलते हैं।
आप यह खाता तभी खुलवा सकते हैं जब आप लड़की के प्राकृतिक या कानूनन अभिभावक हों। आप एक बेटी के नाम ऐसा एक ही खाता खुलवा सकते हैं। कुल मिलाकर आप दो बेटियों के नाम यह खाता खुलवा सकते हैं लेकिन अगर दूसरी बेटी के जन्म के समय आपको जुड़वां बेटी होती है तो आप तीसरा खाता भी खुलवा सकते हैं। जब से सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना की घोषणा की है तब से इस पर पीएफ से अधिक ब्याज मिल रहा है। इसमें जमा की जाने वाली राशि पर आपको आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत कटौती का लाभ मिलता है। न केवल इस पर मिलने वाले ब्याज बल्कि मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम भी टैक्स फ्री होती है। बेटी के 18 साल के होने से पहले आप पैसे नहीं निकाल सकते। उसके 21 साल के होने पर अकाउंट मैच्योर हो जाता है। बेटी के 18 साल पूरे करने के बाद आपको आंशिक निकासी की सुविधा मिलती है। मतलब आप खाते में जमा रकम का 50 फीसदी तक निकाल सकते हैं। दुर्भाग्य से अगर बच्ची की मृत्यु हो जाती है तो खाता तुरंत बंद हो जाएगा। ऐसे मामले में खाते में पड़ी रकम अभिभावक को दे दी जाती है।


