Friday, January 16, 2026
Homeदेशराज्यसभा को दरकिनार करके आधार कानून को पारित करना एक प्रकार से...

राज्यसभा को दरकिनार करके आधार कानून को पारित करना एक प्रकार से संविधान के साथ धोखा है: जस्टिस चंद्रचूड़


आधार को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने आधार कार्ड की संवैधानिक वैधता को बरकार रखा है। फैसला देने वाली पांच जजों की बेंच में शामिल जस्टिस डीवाई चन्द्रचूड़ ने इस फैसले से अलग राय रखते आधार को असंवैधानिक करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह संविधान के साथ धोखा करने के समान है और निरस्त किए जाने के लायक है।

उन्‍होंने कहा, ‘ आधार कानून को पारित कराने के लिए राज्यसभा को दरकिनार करना एक प्रकार का धोखा है और इस कानून को संविधान के अनुच्छेद 110 का उल्लंघन करने कारण निरस्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 110 में धन विधेयक के लिए विशेष आधार हैं। आधार कानून उससे आगे चला गया। इस कानून को मौजूदा स्वरूप में संवैधानिक नहीं ठहराया जा सकता।

न्यायमूर्ति चन्द्रचूड़ ने कहा कि महज कानून बना देने से केन्द्र की आधार योजना नहीं बच सकती है। मोबाइल फोन के जीवन का महत्वपूर्ण अंग बन जाने और उसे आधार से जोड़ने को निजता, स्वतंत्रता, स्वायत्तता के लिए गंभीर खतरा बताते हुए उन्होंने मोबाइल सेवा प्रदाताओं से कहा कि वे ग्राहकों का आधार डेटा नष्ट कर दें।

spot_img

advertisement

spot_img
RELATED ARTICLES

Recent posts

error: Content is protected !!
Latest
Verified by MonsterInsights