देश में एक साथ लोकसभा और सभी राज्यों के चुनाव कराने के लिए कितने ईवीएम और वीवीपीएटी की जरूरत होगी, इस बात की जानकारी निर्वाचन आयोग के पास नहीं है। यह बात एक आरटीआई (सूचना का अधिकार) में मांगी गई जानकारी में सामने आई है।
पुणे के रहने वाले विहार धुर्वे ने आरटीआई आवेदन के जरिये निर्वाचन आयोग से यह बताने को कहा था कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ होने की स्थिति में आयोग के पास कितने ईवीएम और वीवीपीएटी उपलब्ध है और कितने ईवीएम व वीवीपीएटी की जरूरत होगी।
चुनाव आयोग ने दिया यह जवाब
इससे पहले देश में एक साथ चुनाव कराए जाने के मुद्दे पर चर्चा में निर्वाचन आयोग के अधिकारी कह चुके हैं कि उन्हें 12 लाख अतिरिक्त ईवीएम और इतने ही वीवीपीएटी खरीदने के लिए करीब 4500 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी।


