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दिवाली पर आतिशबाजी से तो अच्छा है कि जेब से नोट निकालो और आग लगा दो…हाई कोर्ट


दिवाली पर पटाखे बेचने के लाइसेंस ज्यादा जारी करने को लेकर दाखिल अर्जी पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि हमारा बस चले तो पटाखों पर पूर्ण रूप से बैन लगा दें। पिछले साल दिवाली से पहले पंजाब और हरियाणा के कई जिलों में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताते हुए जस्टिस अमित रावल ने ये फैसला लिया था। साथ ही कोर्ट ने कहा ने कि पटाखे (आतिशबाजी)से अच्छा है कि जेब से नोट निकालो और आग लगा दो। कम से कम इसी बहाने प्रदूषण कम होगा।

हाईकोर्ट ने 2016 में दिए गए लाइसेंस की संख्या के केवल 20 प्रतिशत के बराबर ही लाइसेंस जारी करने के आदेश दिए है। साथ ही हाईकोर्ट ने विजय दशमी के दिन पटाखे चलाने के लिए शाम पांच बजे से रात आठ बजे तक का समय निर्धारित किया है।

दिवाली के बाद अन्य किसी भी दिन पटाखे चलाने पर हाईकोर्ट ने फिर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। आदेश को लागू करने की जिम्मेदारी डीसी, एसएसपी/एसपी को सौंपी गई है। यह आदेश एनसीआर को छोड़ पूरे पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में लागू होंगे।

हाईकोर्ट ने कहा कि दशहरे के लिए पटाखों के लाइसेंस जारी नहीं किए जाएंगे। दिवाली और गुरुपर्व के लिए ही लाइसेंस जारी होंगे वह भी 2016 में जारी लाइसेंस के 20 प्रतिशत के बराबर। नए सिरे से अस्थाई लाइसेंस जारी करने के लिए पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ 22 अक्तूबर को पब्लिक नोटिस जारी कर आवेदन मांगेंगे और 29 अक्तूबर को ड्रा निकाला जाएगा।