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छत्तीसगढ़ भाजपा: बघेल का टिकट कटने पर समर्थकों का गुस्सा फूटा… बीजेपी कार्यालय का घेराव… तखतपुर में राजू समर्थकों ने हर्षिता से किया किनारा… बेलतरा में सुलग रही बगावत की चिंगारी…


रायपुर/बिलासपुर/  टिकट की घोषणा के साथ ही बीजेपी में बगावत शुरू हो गई है। पाटन के कार्यकर्ताओं ने तो बीजेपी कार्यालय में जमकर हंगामा किया। उनका दो टूक कहना था कि यहां से मोतीलाल को नहीं बदला गया तो वे सामूहिक रूप से इस्तीफा दे देंगे। दूसरी ओर बिलासपुर जिले की तखतपुर विधानसभा से राजू सिंह क्षत्रिय का टिकट कटने का असर दिखा। टिकट की घोषणा के दूसरे ही दिन हर्षिता पांडेय से राजू सिंह के करीबी दूरी बनाकर रखे हुए थे। उनके कट्‌टर समर्थक उन्हें बधाई देने तक नहीं गए।

भाजपा ने शनिवार रात प्रदेश की 77 विधानसभा सीटों के प्रत्याशियों के नाम के एलान किया है। भाजपा ने पाटन से मोतीलाल साहू को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस से यहां से संभावित उम्मीदवार पीसीसी चेयरमैन भूपेश बघेल हैं। पिछले कई चुनावों में परंपरागत रूप से भूपेश बघेल का मुकाबला विजय बघेल से होता रहा है, लेकिन इस बार पार्टी ने विजय बघेल का टिकट बदलते हुए मोतीलाल साहू को चुनाव मैदान में उतारा है। ओबीसी बहुल इस क्षेत्र में भाजपा को उम्मीद है कि चेहरा बदलने के बाद भूपेश बघेल को कड़ी टक्कर मिलेगा। इधर, भाजपा कर्ताओं ने मोतीलाल के खिलाफ बगावत कर दी है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने साहू के खिलाफ बगावत करते हुए उनको बदलने की मांग की है। हंगामा बढ़ता देख पुलिस की टीम भी बीजेपी दफ्तर में तैनात हो गई है। इधर, बिलासपुर जिले से तखतपुर विधायक राजू सिंह का टिकट काटकर महिला आयोग की अध्यक्ष रहीं हर्षिता पांडेय को उम्मीदवार बनाया गया है। रविवार सुबह हर्षिता पांडेय को बधाई देने के लिए उनके घर में तांता लगा रहा। तखतपुर के 300 से अधिक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई दी। इनमें वे चेहरे शामिल नहीं थे, जो विधायक राजू सिंह क्षत्रिय के करीबी माने जाते हैं। उनके कट्‌टर समर्थकों के दूरी बनाने के पीछे बगावत की बू आ रही है।

हालांकि पाटन के कार्यकर्ताओं की तरह कोई भी समर्थक खुले रूप से टिकट कटने का विरोध नहीं किया है, लेकिन कहते हैं, तूफान आने से पहले बड़ी शांति रहती है। राजू सिंह के समर्थकों का मौन रहना और हर्षिता पांडेय से दूरी बनाना कहीं कोई तूफान का संकेत तो नहीं है। वैसे भी राजू सिंह क्षत्रिय खुद नहीं तो अपनी पत्नी को टिकट दिलाना चाह रहे थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दूसरी ओर, बेलतरा से विधानसभा उपाध्यक्ष बद्रीधर दीवान अपने पुत्र विजयधर दीवान को उत्तराधिकारी बनाना चाह रहे थे। बेटे को टिकट दिलाने के लिए उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी थी, लेकिन उनके बजाय भाजपा के जिलाध्यक्ष रजनीश सिंह को टिकट दे दिया गया। इससे दीवान खेमे में नाराजगी होना लाजिमी है। हालांकि तखतपुर की तरह बेलतरा के भाजपाई भी मौन हैं। अब समय बताएगा कि मौन रहने के पीछे क्या कारण हैं। उधर, रमशीला साहू ने टिकट कटने का अपना दर्द प्रेस कांफ्रेंस में बयां किया। उनका कहना था कि दुर्ग ग्रामीण के पैनल में जागेश्वर साहू का नाम नहीं था, लेकिन पता नहीं क्या हुआ कि उन्हें टिकट मिल गया। टिकट कटने के बाद रमशीला ने कहा कि पार्टी और संगठन सर्वोपरि है। जैसा आदेश होगा, वैसा काम करूंगी। हालांकि टिकट कटने के बाद भी रमशीला की उम्मीद टूटी नहीं है। दरअसल , रमशीला पूर्व में गुंडरदेही से विधायक रह चुकी हैं। लिहाजा रमशीला ने उम्मीद जताई है कि गुंडरदेही से उन्हें टिकट दिया जा सकता है। उनके लिए इसलिए फिलहाल सुकून की ये बात जरूर हो सकती है कि पार्टी ने अभी तक गुंडरदेही की टिकट फाइनल नहीं किया है।