जब भारत में चुनाव प्रचार की बात हो तो आज के दौर में सोशल मीडिया की अहमियत और बढ़ जाती है, क्योंकि आज ज्यादातर युवा इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर इनकी भागीदारी बहुत ज्यादा है। ऐसे में मोबाइल फोन्स के लिए साल 2016 में लांच किए गए शॉर्ट वीडियो एप का फनी वीडियो बनाने के लिए 2019 के चुनाव प्रचार में खूब इस्तेमाल किया जा रहा है।
इस एप का नाम है टिकटॉक। इसमें एडिटिंग टूल्स हैं जिनसे लोग अपने शॉर्ट वीडियो बना सकते हैं। इसका राजनीतिक वीडियो बनाए जाने में खूब इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुछ भाषणों के लिप सिंक करना या राहुल गांधी के पीएम मोदी पर हमले या अरविंद केजरीवाल के कुछ बयानों को मजाकिया लहजे में पेश किया गया है, जो इस एप पर देखा जा सकता है।
मोबाइल एनालिटिक्स फर्म कॉमस्कोर डाटा के मुताबिक, जनवरी में टिकटॉक एप पर करीब 60 मिलियन एक्टिव इंडियन यूजर्स थे, जिन्होंने 12.8 बिलियन मिनट्स बिताए। यानि, प्रति यूजर्स एक महीन में इस एप पर साढ़े तीन घंटे बिताए। इसमें वीडियो की औसत लंबाई 15-20 सेकेंड की रहेगी।
एक अन्य एनालिटिक्स फर्म सेंसर टावर के मुताबिक, यह एप भारत में करीब 260 मिलियन बार डाउनलोड किए गए। विश्लेषक यह नहीं कह पा रहे हैं कि इसके यूजर्स की संख्या ऐसी ही बढ़ती रहेगी लेकिन वह इस बात को लेकर आश्वस्त है कि टिकटॉक एप चुनावी मौसम में लोगों के पसंदीदा एप है, जिससे लोग भरपूर मजा ले रहे हैं।
कांग्रेस मीडिया सेल के चीफ दिव्य स्पंदन का कहना है कि टिकटॉक पर राजनीतिक रूप से फेसबुक और ट्विटर के मुकाबले कम लोग है, लेकिन जो लोग नियमित तौर पर ट्विटर और फेसबुक का इस्तेमाल कर रहे हैं उनके मनोरंजन के लिए यह थोड़ हटकर एक प्लेटफॉर्म है।


