Saturday, March 14, 2026
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लोकसभा चुनाव 2019: हर विधानसभा में पांच-पांच VVPAT के EVM से मिलान में लगेगा कितना वक्त?…

लोकसभा चुनाव 2019 में मतदान प्रक्रिया संपन्न होने के बाद अब सभी को नतीजों का बेसब्री से इंतजार है। 23 मई को वोटों की गिनती सुबह 8 बजे से शुरू होगी और सबसे पहले डाकमत पत्रों की काउंटिंग होगी। हालांकि, इस बार चुनाव नतीजे आने में देरी हो सकती है। लेकिन देरी कितनी होगी ये कोई स्पष्ट तौर पर नहीं बता पा रहा है। इस चुनाव में VVPAT (वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रायल) का इस्तेमाल देशभर में हो रहा है, जिसकी वजह से फाइनल नतीजे आने में करीब 5 से 6 घंटों की देरी होगी। आखिर वीवीपैट के ईवीएम से मिलान में कितना वक्त लगेगा, बताते हैं आगे।

इस बार चुनाव नतीजे आने में होगी देरी

23 मई को मतगणना की प्रक्रिया शुरू होने के बाद हर राउंड में राजनीतिक दलों को प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इस बार सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक हर विधानसभा में पांच-पांच VVPAT को EVM से मिलान करना जरूरी है। इस प्रक्रिया में करीब 4 घंटे 10 मिनट का समय लगेगा। जिसकी वजह से चुनाव परिणामों में 5 से 6 घंटे की देरी हो सकती है। वीवीपैट के ईवीएम से मिलान की प्रक्रिया के चलते इस चुनाव अंतिम नतीजे देर रात तक आने के आसार जताए जा रहे हैं।

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20 से ज्यादा सियासी दल चुनाव आयोग पहुंचे, रखी ये मांग

हाल के दिनों में लगातार राजनीतिक दल वोटिंग मशीनों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते रहे हैं। मंगलवार (21 मई) को भी 20 से ज्यादा विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से ईवीएम के मुद्दे पर मुलाकात की। इस दौरान विपक्षी पार्टी के नेताओं ने चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि वीवीपैट का मिलान वोटों की गिनती शुरू होने से पहले हो, ना कि काउंटिंग के बाद में। इसकी मांग इसलिए की जा रही है क्योंकि वीवीपैट इस बात को तय करने में मददगार होगी कि ईवीएम में मतदाता ने जिस दल को वोट दिया है वो वीवीपैट से मैच कर रहा है या नहीं।

VVPAT और EVM से मिलान में लगेगा करीब 4 घंटे 10 मिनट का समय

मतगणना के दिन 23 मई को सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू होने के बाद शुरू में डाकमत पत्रों की काउंटिंग होगी, उसके बाद ईवीएम से मतगणना होगी। हर चरण मिले मतों की घोषणा की जाएगी। मतगणना के दौरान 100 मीटर के दायरे में बिना अनुमति के कोई प्रवेश नहीं कर सकेगा। मतगणना स्थल पर उम्मीदवार की तरफ से गणना अभिकर्ता होंगे, लेकिन वो अपनी टेबल छोड़कर दूसरी जगह नहीं जा सकेंगे। उम्मीदवार और उनके निर्वाचन अभिकर्ता को काउंटिंग वाली जगह पर अन्य टेबल की जांच के आदेश होंगे, जिससे वो हर टेबल पर काउंटिंग की निगरानी कर सकें।

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ईवीएम और वीवीपैट मिलान को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिया है अहम आदेश

बता दें कि VVPAT से मिलान को लेकर 21 विपक्षी दलों ने सर्वोच्च न्यायालय में अर्जी देकर मांग की थी कि प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के 50 फीसदी वोटों को वीवीपैट के साथ मिलान किया जाए, लेकिन चुनाव आयोग का कहना था कि पचास फीसदी ईवीएम और वीवीपैट को मैच करने में कम कम पांच दिन लग जाएंगे जिससे नतीजे आने में देरी हो जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पांच ईवीएम और वीवीपैट में पड़े वोटों की जांच की जाए। चुनाव आयोग ने फैसला किया है कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से पांच-पांच वीवीपैट का चयन बिना किसी क्रम के किया जाएगा और ईवीएम और वीवीपैट के नतीजों को मैच किया जाएगा।

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