Saturday, August 30, 2025
Homeछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़: नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण का जिम्मा स्थानीय युवकों को...

छत्तीसगढ़: नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण का जिम्मा स्थानीय युवकों को दिया जाए : भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री ने ली लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां महानदी भवन में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक ली। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि- युवाओं को रोजगार देना राज्य सरकार की प्राथमिकता हैं, विशेषकर नक्सलवाद से मुकाबले के लिए स्थानीय युवकों को काम देना आवश्यक है। इसके लिए बस्तर सहित अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण कार्य का जिम्मा वहां के स्थानीय युवकों को ही दिया जाए। वहां के प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन सड़कों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर उस क्षेत्र के युवकों को या उनके समूह को बनाने का काम दिया जाए। साथ ही पैंच वर्क या मरम्मत कार्य भी उन्हें ही सौंपे जाए। इसका निरीक्षण विभाग के अभियंता तथा अन्य तकनीकी अधिकारियों द्वारा किया जाए। इससे स्थानीय युवकों को स्वरोजगार मिलेगा, उनकी आय बढ़ेगी और वे मुख्यधारा से जुड़ेगें। मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में निर्माण के लिए निर्धारित शर्तों में आवश्यक संशोधन का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों सहित समस्त निर्माण कार्यों में किसी हाल में गुणवत्ता से समझौता किया जाए। जो समय-सीमा तय की जाए, उसके भीतर ही कार्य पूर्ण किया जाए। गुणवत्ता के लिए विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ ठेकेदारों की जिम्मेदारी तय किए जाए और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाए।

बघेल ने समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि रायपुर और दुर्ग के मध्य यातायात के दबाव को कम करने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर टाटीबंध और चरौदा-भिलाई के मध्य एक समानांतर सड़क बनायी जाए, इससे सड़क दुर्घटना में भी कमी आयेगी। उन्होंने कहा कि फारेस्ट क्लियरेंस और भू-अर्जन के प्रकरणों के निराकरणों में काफी समय लगता है। इसके लिए संभागायुक्त नियमित अंतराल में बैठक लेकर विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करते हुए प्रकरणों का समाधान करें और इसकी जानकारी राज्य सरकार को दे।

बैठक में उपस्थित लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि इस बैठक का उद्देश्य कार्य में आने वाली कठिनाईयों दूर करना तथा बेहतर निर्माण कार्य के लिए रणनीति तैयार करना है। साहू ने कहा कि निर्माण कार्य समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में टेंडर प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए, ताकि अधिक-से-अधिक स्थानीय लोग भागीदारी कर सके।

इसे भी पढ़े… अरपा नदी को संवारने एक जगह समा गया पूरा बिलासपुर  “अरपा उत्थान“ अभियान में उमड़ा जन सैलाब…

बैठक में बताया गया कि प्रत्येक संभाग में एक वर्ष के भीतर सभी शासकीय कार्यालयों जैसे- अस्पताल, महाविद्यालय भवन तथा अन्य शासकीय भवनों में रेन वाटर हॉर्वेस्टिंग का कार्य पूर्ण लिया जाएगा। अभी तक 448 भवनों में रेन वाटर हॉर्वेस्टिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया हैं।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्युदर को कम करने के लिए एशियन विकास बैंक (ए.डी.बी.) की सहायता से मार्गों में तकनीकी सुधार का कार्य किया जाएगा। जिस पर सहमति प्रदान की गई। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि सामान्य मरम्मत के अंतर्गत पेच रिवेयर के कार्य हेतु वर्षा ऋतु में एजेंसी तय कर माह अक्टूबर से पेच रिपेयर का कार्य किया जाएगा। वार्षिक संधारण के अंतर्गत इस वर्ष लक्ष्य के स्वरूप में परिवर्तन कर संधारण अंतर्गत नवीनीकरण की 75 प्रतिशत राशि ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य जिला मार्ग एवं ग्रामीण मार्गों पर व्यय की जाएगी।

बैठक में अपर मुख्य सचिव सी.के. खेतान, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, लोक निर्माण विभाग के ओ.एस.डी. अनिल राय, ई.एन.सी. डी.के. अग्रवाल, छत्तीसगढ़ सड़क विकास निगम के महाप्रबंधक जी.एस. सोलंकी, लोक निर्माण विभाग के सभी प्ररिक्षेत्र के मुख्य अभियंता तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

spot_img

AD

spot_img

advertisement

spot_img
RELATED ARTICLES

Recent posts

error: Content is protected !!
Latest