Sunday, March 15, 2026
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मंत्री रविंद्र चौबे बोले- जब समय था, तब अजीत जोगी ने अकल क्यों नहीं लगाया… अब अकल बांटने का क्या मतलब…

बिलासपुर। जल संसाधन, कृषि और पशुपालन मंत्री रविंद्र चौबे का कहना है कि प्रदेश में एससीएसटी और ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण की जो व्यवस्था की गई है, उसमें कोई खामी नहीं है। सामान्य वर्ग को भी 10 प्रतिशत आरक्षण देने पर विचार चल रहा है। कई राज्यों में जनसंख्या की अनुपात में आरक्षण लागू है। हमारे यहां भी यही व्यवस्था होगी।

वे शनिवार को छत्तीसगढ़ भवन में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। आरक्षण को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने यह बयान दिया है कि प्रदेश सरकार द्वारा घोषित आरक्षण को लागू किया जा सकता है। इसका तरीका है उनके पास, पर किसी को अकल नहीं बांटेंगे। इस सवाल के जवाब में मंत्री चौबे ने कहा कि हमारी मातृ संस्था कांग्रेस ने अजीत जोगी को बड़ा मौका दिया था।

जब उनके पास अकल है तो उसी समय आरक्षण लागू कर सकते थे। अब अकल बांटने से क्या मतलब। अरपा-भैंसाझार परियोजना के निर्माण में भारी भ्रष्टाचार और एक्सटेंशन के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह योजना 12 सौ करोड़ रुपए की है। मुझे जानकारी मिली है कि 400 करोड़ रुपए निर्माण में लगाए गए हैं और 800 करोड़ रुपए किसानों को मुआवजा दिया गया है। यह संकेत है भ्रष्टचार का। अब यह मामला सामने आ गया है।

जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मेन केनाल से कितनी दूर के किसानों को पानी पहुंचाया जा सकता है। इस पर अभी काम चल रहा है। बिलासपुर के गौठान में गायों की मृत्यु होने के मामले में उन्होंने कहा कि इसकी जांच कराई जाएगी। निगम, मंडल का पद बांटने के मामले को उन्होंने यह कहकर टाल दिया कि यह सीएम का अधिकार है।

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