छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़: बोर्ड परीक्षाओं के प्रावीण्य सूची में शामिल विद्यार्थियों को किया सम्मानित…मुख्यमंत्री ने वीडियो सन्देश के माध्यम से दी शुभकामनाएं…

रायपुर। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने आज यहां मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में वर्ष 2017 और 2018 में कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में प्रावीण्य सूची के 167 प्रतिभाशाली बच्चों को ‘स्वामी आत्मानंद मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना‘ के तहत बढ़ी हुई प्रोत्साहन राशि, प्रशस्ति पत्र और लैपटॉप का वितरण कर सम्मानित किया। इन बच्चों में से छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर द्वारा आयोजित वर्ष 2017 की परीक्षाओं की प्रावीण्य सूची के 76 बच्चे और 2018 की बोर्ड परीक्षाओं के 91 विद्यार्थी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नई दिल्ली से भेजे अपने वीडियो सन्देश के माध्यम से मेधावी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री इस समय नई दिल्ली के प्रवास पर हैं। उन्होंने बताया कि स्वामी आत्मानंद मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना के तहत पुरुस्कार राशि एक लाख रूपए से बढ़ा कर सवा लाख रूपए कर दी गई है। बघेल ने विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी बधाई और शुभकामनाएं दीं।

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक विकास उपाध्याय ने की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक द्वय शैलेश पाण्डेय और चन्द्रदेव प्रसाद राय उपस्थित थे।

माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वालों को रजत पदक और सभी प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। प्रावीण्य सूची के प्रत्येक छात्र को एक लाख रूपए प्रदान करने का प्रावधान था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पुरस्कार राशि में 25 हजार रूपए की वृद्धि की है। प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त सभी विद्यार्थियों को एक लाख 25 हजार रूपए प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त सभी विद्यार्थियों को लैपटॉप भी दिया गया।

स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि इन प्रतिभावान विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत, लगन और गुरूजनों के आशीर्वाद से परीक्षाओं में अव्वल स्थान प्राप्त किया। आने वाले समय में ये विद्यार्थी अपनी प्रतिभा से अपने प्रदेश को गौरवान्वित करेंगे। उन्होंने कहा कि जब यह जानकारी मिलती है कि छत्तीसगढ़ के बच्चे आईआईटी, मेडिकल, हैदराबाद, बेंगलुरू जैसे बडे़ शहरों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, तो गर्व की अनुभूति होती है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वयं प्रतिभावान विद्यार्थियों के सम्मान समारोह में शामिल होना चाहते थे, लेकिन उन्हें नई दिल्ली जाना पड़ा। प्रतिभा सम्मान समारोह में विशेष पिछड़ी जनजातियों अबूझमाड़िया, बैगा, बिरहोर, कमार तथा पहाड़ी कोरवा जनजाति के बच्चों को बोर्ड परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर प्रोत्साहन राशि, लेपटॉप और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

विधायक विकास उपाध्याय ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि शिक्षा से ही बच्चे जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार होते हैं। प्रतिभा सम्मान समारोह से बच्चों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी और वे उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ेेंगे।

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल के अध्यक्ष और प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा गौरव द्विवेदी ने इस अवसर पर कहा कि मेधावी विद्यार्थी हमारे प्रदेश का गौरव है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा नवाचारों के माध्यम से बच्चों को शिक्षा के लिए अधिक से अधिक सुविधाएं प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि बच्चे परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि बच्चों को परीक्षाओं मंे होने वाले तनाव के प्रबंधन के लिए हेल्प लाइन भी प्रारंभ की गई है। मूल्यांकन पद्धति से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विद्या पोर्टल के माध्यम से प्रवेश सूची, परीक्षा आवेदन, प्रायोगिक अंकों और मूल्यांकन पश्चात अंकों का प्रेषण ऑनलाइन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 की हाईस्कूल परीक्षा की प्रावीण्य सूची में 37 विद्यार्थियों ने, हाई सेकेण्डरी परीक्षा की प्रावीण्य सूची में 39 विद्यार्थियों ने, हायर सेकेण्डरी व्यावसायिक परीक्षा की प्रावीण्य सूची में एक विद्यार्थी ने, वर्ष 2018 की हाईस्कूल परीक्षा की प्रावीण्य सूची में 44 विद्यार्थियों ने, हाई सेकेण्डरी परीक्षा की प्रावीण्य सूची में 47 विद्यार्थियों ने स्थान प्राप्त किया है।
समारोह में विशेष पुरस्कार के तहत स्मृति पुरस्कार योजना में रायपुर निवासी एस.एस. परिहार द्वारा अपने पुत्र स्वर्गीय अंकित परिहार की स्मृति में हायर सेकेण्डरी स्कूल परीक्षा में सर्वाेच्च स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को 11 हजार रूपए का नगद पुरस्कार और स्मृति चिंह दिया जाता है। इस स्मृति पुरस्कार में वर्ष 2017 के लिए धावेन्द्र कुमार और वर्ष 2018 के लिए शिव कुमार पाण्डे को 11 हजार रूपए की नगद राशि और स्मृति चिंह देकर सम्मानित किया गया। हायर सेकेण्डरी परीक्षा वर्ष 2018 में ललित कला संकाय में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त मूक-बधिर छात्र सागर ध्रुव को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में संचालक लोक शिक्षण एस. प्रकाश, संचालक समग्र शिक्षा पी. दयानंद, स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव सौरभ कुमार, सचिव माध्यमिक शिक्षा मण्डल प्रोफेसर वी. के. गोयल और मण्डल के सदस्य प्रतिभावान विद्यार्थियों के अभिभावक उपस्थित थे।

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