Wednesday, March 4, 2026
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छत्तीसगढ़: ​​​​​​​कोरोना महामारी को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रतिपक्ष के नेता, पूर्व मुख्यमंत्री सहित अनेक विधायकों से की रायशुमारी

उनके क्षेत्रों का लिया हालचाल और 14 अप्रैल के बाद की स्थिति पर की चर्चा

लॉकडाउन के दौरान की गई व्यवस्थाओं
की दी जानकारी

मुख्यमंत्री ने कहा: गरीब और कमजोर तबकों की जरूरतों का रखा जा रहा विशेष ख्याल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज प्रतिपक्ष के नेता धमरमलाल कौशिक, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक धर्मजीत सिह, और मोहन मरकाम सहित अनेक विधायकों से दूरभाष से चर्चा की और उनके क्षेत्रों का हालचाल जाना तथा लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में की गई व्यवस्थाओं और 14 अप्रैल के बाद की स्थिति पर चर्चा कर उनके सुझाव लिये। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कोरोना वायरस (कोविड19) के संक्रमण और रोकथाम के लिए प्रदेश में लॉकडाउन के दौरान की गई व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री बघेल ने प्रतिपक्ष के नेता धरमलाल कौशिक और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह सहित विधायकों से दूरभाष पर चर्चा में लॉकडाउन के दौरान उनके क्षेत्रों के हालचाल सहित गरीब और कमजोर तबकों के लिए किए गए राहत उपायों पर विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी वर्गो के हितों का ख्याल रखा जा रहा है। राशन, दवाई, सहित सभी आवश्यक व्यवस्था को लॉकडाउन से मुक्त रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि गरीब परिवारों को दो माह का निःशुल्क राशन का वितरण किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंदों के लिए प्रत्येक पंचायतों में दो-दो क्विंटल अनाज रखा गया है। इसके अलावा स्वयंसेवी संगठनों और औद्योगिक समूहों के सहयोग से भोजन की व्यवस्था की जा रही है। रायपुर शहर में डोनेशन आन व्हील्स अभियान चलाया जा रहा है। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए गांवों में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। कई गांवों में बेरियर बनाकर निगरानी रखी जा रही है। रबी फसलों की कटाई के दौरान भी सोशल डिस्टेंसिग का पालन करने को कहा गया है।

आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए वाहनों को ऐप के माध्यम से ई-पास की व्यवस्था की गई है। अन्य राज्यों से आने वाले श्रमिकों को राज्य की सीमा के नजदीक ही उनके लिए भोजन और आवास की व्यवस्था की गई है। इसी प्रकार अन्य राज्यों में फंसे श्रमिकों को सहायता मुहैया कराई जा रही है। सभी कलेक्टरों को श्रमिकों के भोजन आवास सहित अन्य जरूरी व्यवस्था के लिए संबंधित राज्यों के कलेक्टरों से समन्वय कर आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा अन्य जरूरतों के लिए सहायता राशि उनके खातों में भेजी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना वायरस के परीक्षण के लिए एम्स रायपुर के अलावा जगदलपुर में परीक्षण की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा सभी जिलों में कोरोना संक्रमण से पीडि़त लोगों के इलाज के लिए सौ-सौ बेड की व्यवस्था की जा रही है। अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में 500 बेड और माना सिविल अस्पताल में 100 बेड और प्रदेश के अन्य मेडिकल कालेज में 200-200 बेड की व्यवस्था की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने दुर्ग शहर के विधायक अरूण वोरा, भिलाई नगर के विधायक श्री देवेन्द्र यादव, सिहावा की विधायक डॉ. लक्ष्मी धु्रव, खुज्जी की विधायक छन्नी साहू, संजारी बालोद की विधायक संगीता सिन्हा, गुण्डर देही के विधायक कुंवर सिंह निषाद, पंडारिया की विधायक ममता चंद्राकर, डोंगरगढ़ के विधायक भुवनेश्वर बघेल, डोंगरगांव के विधायक दलेश्वर साहू, मोेहला मानपुर के विधायक इंद्रशाह मंडावी, भानुप्रतापपुर के विधायक मनोज सिंह मंडावी, नारायणपुर के विधायक चंदन कश्यप और चित्रकोट के विधायक राजमन बैंजाम से चर्चा की।

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