Thursday, March 5, 2026
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कोरबा: रंजना स्कूल के प्राचार्य ने दिया सबूत,  अग्रगमन सेंटर के नाम से निकली प्रायोगिक अंकों की सूची है फर्जी…

कोरबा। शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला रंजना के प्राचार्य ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला तुमान के प्राचार्य द्वारा की गई गड़बड़ी की पोल खोलकर रख दी है। उन्होंने अग्रगमन कोचिंग सेंटर में प्रायोगिक परीक्षा नहीं होने का पुख्ता सबूत दिया है, जिससे यह साबित हो गया है कि तुमान स्कूल के प्राचार्य ने अपने यहां के चार स्टूडेंट्स को बिना परीक्षा दिए प्रायोगिक बांट दिया है।

करतला ब्लॉक स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला तुमान बीते कुछ महीनों से सुर्खियों में है। इसकी वजह यहां के प्राचार्य पी पटेल हैं, जिन पर यह आरोप लगाते हुए डीईओ से लेकर आला अधिकारियों से शिकायत की गई थी कि उन्होंने बिना परीक्षा दिए चार छात्रों को प्रायोगिक अंक दे दिए थे। संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर द्वारा कराई गई जांच में प्राचार्य पी पटेल और अग्रगमन कोचिंग सेंटर प्रभारी एमपी सिंह दोषी पाए गए हैं। इन पर कार्रवाई की अनुशंसा कर रिपोर्ट डीपीआई को भेजी गई है। इधर, एक आरटीआई कार्यकर्ता ने अग्रगमन सेंटर में चयनित स्टूडेंट्स की प्रायोगिक परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाएं और सीरियल नंबर की जानकारी प्राचार्यों से मांगी थी। कोरबा जिले के अलग-अलग स्कूलों से कई तरह की जानकारी आई है। किसी प्राचार्य ने अग्रगमन सेंटर से नंबर मिलने की जानकारी दी है तो किसी ने कुछ और तर्क दिया है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला रंजना के प्राचार्य ने आरटीआई के तहत यह जानकारी दी है कि उनके यहां अध्ययनरत् एक छात्रा का चयन अग्रगमन कोचिंग सेंटर में हुआ था, लेकिन पढ़ाई में कमजोर होने के कारण उसे बीच सत्र में निकाल दिया गया था। इसलिए उस छात्रा को रंजना स्कूल में फिर से प्रवेश दिया गया। उसने सारी परीक्षाएं रंजना स्कूल में ही दिलाई है। स्कूल में हुई प्रायोगिक परीक्षा में उसे केमेस्ट्री में 28 और फिजिक्स में 30 अंक मिले हैं। उन्होंने यह जानकारी दी है कि छात्रा ने अग्रगमन सेंटर में किसी तरह की परीक्षा नहीं दी है। दूसरी ओर जिस सूची के आधार पर तुमान स्कूल के प्राचार्य पटेल ने अपने यहां के चार छात्रों को प्रायोगिक अंक दिए हैं, उसमें रंजना स्कूल की उक्त छात्रा का नाम है, जिसे केमेस्ट्री और फिजिक्स में 30-30 अंक मिले हैं। इस सूची में किसी भी जिम्मेदार अफसर के हस्ताक्षर नहीं हैं। यही नहीं, सूची में किसी भी स्टूडेंट्स का रोलनंबर तक दर्ज नहीं है। इसलिए इस सूची की वास्तविकता पर प्रश्न चिन्ह लग गया है।

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