बिलासपुर, छत्तीसगढ़। प्रदेश में लगातार बढ़ रहे अपराध और बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था के मुद्दों को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने बिलासपुर के नेहरू चौक में एक दिवसीय मौन धरना दिया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के प्रमुख दीपक बैज ने किया, जो बाद में पत्रकारों से बातचीत भी की।
बढ़ते अपराध पर सरकार को घेरा
दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अपराध की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है और सरकार इन्हें रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि प्रदेश की सरकार आखिरकार कहां से संचालित हो रही है—दिल्ली से या नागपुर से? बैज के इस बयान से यह स्पष्ट है कि कांग्रेस, भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर परोक्ष रूप से आरोप लगा रही है कि वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रभाव में काम कर रही है।
कोटा में टीकाकरण के बाद मासूमों की मौत
कोटा में हाल ही में दो मासूम बच्चों की टीकाकरण के बाद मौत हो गई, जिस पर भी बैज ने सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर तीन दिन बाद पोस्टमार्टम क्यों किया गया? इससे सरकार की मंशा पर भी सवाल उठते हैं कि वह इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई करने के बजाय उसे टालमटोल कर रही है।
स्वास्थ्य व्यवस्था की खस्ताहाली
दीपक बैज ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की हालत पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पहले गर्भाशय कांड और अंखफोड़वा कांड जैसे घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई थी। अब भी प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। बैज ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में नकली दवाइयों की सप्लाई हो रही है और इस पर तत्काल जांच की जानी चाहिए।
कुल मिलाकर, कांग्रेस ने मौन धरना प्रदर्शन के माध्यम से प्रदेश की भाजपा सरकार पर अपराध और स्वास्थ्य व्यवस्था के मुद्दों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दीपक बैज के बयानों से यह स्पष्ट होता है कि कांग्रेस आगामी चुनावों के मद्देनजर इन मुद्दों को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा करने की रणनीति बना रही है। अब देखना यह होगा कि सरकार इन आरोपों का क्या जवाब देती है और क्या कदम उठाती है।


