बिलासपुर। दिनांक 25 अक्टूबर, 2024 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर में एक विशेष अवसर था, जब चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा द्वारा न्यायालय के समर्पित कर्मचारी लक्ष्मण सिन्हा को उनके अनुकरणीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। सिन्हा, जो उच्च न्यायालय में वाहन चालक के रूप में कार्यरत थे, को उनकी कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और उत्कृष्ट सेवा के लिए चीफ जस्टिस द्वारा स्मृति चिन्ह, शॉल, और श्रीफल भेंट कर आदरपूर्वक विदाई दी गई। इस भावुक अवसर पर उनके स्वस्थ और सुखद भविष्य की शुभकामनाएँ भी दी गईं।
लक्ष्मण सिन्हा 31 अक्टूबर, 2024 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनका करियर वर्ष 1998 में राज्य प्रशासनिक अधिकरण से शुरू हुआ था, जहाँ उन्होंने अपनी सेवाओं की शुरुआत की। बाद में अधिकरण के भंग होने के बाद, वर्ष 2005 में उन्होंने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर में अपनी सेवा प्रारंभ की और लगभग दो दशक तक अपनी निष्ठा से कार्य किया।
इस समारोह में कई अन्य गणमान्य अधिकारी भी उपस्थित थे, जिनमें संयुक्त रजिस्ट्रार और पीपीएस एमवी एल.एन. सुब्रह्मण्यम, डिप्टी रजिस्ट्रार (प्रोटोकॉल) हिमांशु कुमार विश्वास और प्रोटोकॉल अधिकारी आरएस नेगी शामिल थे। सभी ने मिलकर सिन्हा के लिए सम्मान और आदर का प्रदर्शन किया, जो उनके कार्यों की सराहना का प्रतीक था।
समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक
लक्ष्मण सिन्हा का करियर उनके समर्पण और ईमानदारी का जीता-जागता उदाहरण है। उनकी सेवा के दौरान उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाया और उच्च न्यायालय में अपने योगदान से एक मिसाल कायम की। यह सम्मान न केवल उनके सेवाकाल की सराहना है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। उच्च न्यायालय के कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच उनकी सेवाओं की सराहना की जा रही है और उन्हें भावी जीवन के लिए शुभकामनाएँ दी जा रही हैं।
इस सम्मान समारोह ने न्यायालय के समर्पित कर्मचारियों के योगदान को मान्यता देने और सम्मान करने की परंपरा को एक नई ऊँचाई दी है।