बिलासपुर जिले में प्रशासन ने धान उठाव और कस्टम मिलिंग में उदासीनता के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दो प्रमुख राइस मिलों पर छापेमारी की। 15 दिसंबर 2024 को कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर राजस्व, खाद्य, मार्कफेड और विद्युत विभाग की संयुक्त टीम ने बिल्हा स्थित श्री हनुमान राइस मिल और पंधी के एसडी राइस मिल में आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान बड़ी मात्रा में संदेहास्पद चावल और धान का स्टॉक जब्त किया गया।
हनुमान राइस मिल में प्रशासन ने छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 के प्रावधानों के उल्लंघन का मामला पाया। मिल के संचालकों द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान का समय पर उठाव और कस्टम मिलिंग नहीं किए जाने के कारण कार्रवाई की गई। मिल में मौजूद धान और चावल का पूरा स्टॉक जब्त कर लिया गया और मिल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। साथ ही बिजली कनेक्शन भी काट दिए गए ताकि मिल में किसी तरह की गतिविधि न हो सके।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य मिलर्स को भी धान उठाव और कस्टम मिलिंग के लिए निर्देशित किया गया। इस कार्रवाई का असर यह हुआ कि राइस मिल एसोसिएशन ने भी प्रशासन की बात मान ली और धान उठाव व कस्टम मिलिंग के लिए सहमति पत्र सौंप दिया। एसोसिएशन के अध्यक्ष ने लिखित में यह आश्वासन दिया कि मिलर्स धान उठाव और कस्टम मिलिंग कार्य को तुरंत शुरू करेंगे। इसके बाद पंधी के एसडी राइस मिल ने जांजी समिति से धान उठाव का कार्य शुरू कर दिया है।
प्रशासन की इस कार्रवाई का मुख्य कारण खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए कस्टम मिलिंग में बरती जा रही उदासीनता थी। किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान का समय पर उठाव न होने से सरकार को नुकसान हो सकता था, साथ ही किसानों को भी अपनी फसल के उचित मूल्य का लाभ मिलने में देरी हो रही थी। इसी कारण प्रशासन ने मिलर्स पर सख्त कदम उठाते हुए यह कार्रवाई की।
कलेक्टर अवनीश शरण ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की जांच और कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी ताकि किसानों के हितों की रक्षा की जा सके और मिलर्स अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सही ढंग से करें। प्रशासन द्वारा मिलर्स को बारदाना जमा, अनुबंध, धान उठाव और कस्टम मिलिंग के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस छापेमारी से स्पष्ट है कि जिला प्रशासन धान उठाव और कस्टम मिलिंग में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए यह आवश्यक है कि मिलर्स अपनी जिम्मेदारी निभाएं। प्रशासन की इस कार्रवाई से अन्य मिलर्स के लिए भी यह संदेश गया है कि अगर वे समय पर कार्य नहीं करेंगे, तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


