बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में आयोजित एक ऐतिहासिक कार्यक्रम के तहत, न्यायिक अधिकारियों को अत्याधुनिक तकनीकी उपकरण iPad प्रदान किए गए। इस पहल का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को अधिक दक्ष, पारदर्शी, और न्याय तक आसान पहुंच बनाने के लिए डिजिटल युग के साधनों का उपयोग करना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। इस अवसर पर “Cohesive Event on Illuminating the Digital Dark for Access to Justice and Equipping Judicial Officers with iPad as Way Forward” नामक सम्मेलन का आयोजन किया गया।
चीफ जस्टिस का वक्तव्य
चीफ जस्टिस ने अपने संबोधन में कहा कि डिजिटल उपकरण, जैसे iPad, केवल तकनीकी सुविधा के साधन नहीं हैं बल्कि न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के साधन हैं। उन्होंने कहा कि न्यायिक अधिकारियों को उच्च-क्षमता वाले iPad प्रदान करना डिजिटल युग में न्यायपालिका को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न्यायपालिका के प्रति जनता के विश्वास को और मजबूत करेगा।
उन्होंने आगे कहा कि आभासी सुनवाई (वर्चुअल हियरिंग) आज की न्यायिक प्रक्रिया का अभिन्न अंग बन चुकी है। इसके माध्यम से न्यायिक कार्यवाही बिना भौतिक उपस्थिति के भी संचालित की जा सकती है।
तकनीकी दक्षता पर जोर
चीफ जस्टिस ने कहा कि iPad का वितरण न्यायिक अधिकारियों को तकनीकी दक्षता से सुसज्जित करने का प्रतीक है। डिजिटल उपकरणों का उपयोग न केवल समय की बचत करता है, बल्कि कानूनी अनुसंधान को भी व्यापक और अधिक समावेशी बनाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले कानूनी किताबों में शोध करना समय-साध्य था, लेकिन अब डिजिटल डेटा बेस एक क्लिक में उपलब्ध है। इससे न्याय तक पहुंच आसान और तेज़ हुई है।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं
– iPad वितरण:
कार्यक्रम में 200 न्यायिक अधिकारियों को आधुनिक iPad प्रदान किए गए।
– तकनीकी सत्र:
सत्र का दूसरा भाग “साइबर क्राइम और डिजिटल साक्ष्य” पर केंद्रित रहा। इसमें प्रतिभागियों को साइबर अपराध और डिजिटल एविडेंस के महत्व, चुनौतियों और समाधान पर प्रशिक्षित किया गया।
– उच्च स्तरीय उपस्थिति:
इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के जस्टिस, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, और लगभग 260 न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
महत्वपूर्ण प्रगति और भविष्य की योजना
चीफ जस्टिस के नेतृत्व में न्यायपालिका की अधोसंरचना में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। न्यायालय भवन, न्यायिक अधिकारी एवं कर्मचारियों के आवास, और न्यायालय परिसर में डिस्पेंसरी व पोस्ट ऑफिस की स्थापना जैसी पहलों ने न्याय प्रदान करने के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार किया है।
कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। राज्य न्यायिक अकादमी के निदेशक ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुए सभी प्रतिभागियों, न्यायमूर्तिगण, और मीडिया प्रतिनिधियों को उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।
न्याय तक आसान पहुंच की ओर कदम
यह कार्यक्रम डिजिटल युग में न्यायपालिका को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। iPad वितरण और तकनीकी सत्रों ने न्यायिक अधिकारियों को न केवल तकनीकी दक्षता प्रदान की बल्कि उन्हें न्यायिक प्रक्रियाओं में सुधार और पारदर्शिता लाने के लिए प्रेरित किया। यह पहल न्यायपालिका को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।