बिलासपुर। खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भण्डारण पर नियंत्रण लगाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, खनिज विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों ने दिसम्बर 2024 के दौरान जिले में सक्रिय कार्रवाई करते हुए 116 मामलों में कार्यवाही की है।
मामलों का विवरण
दिसम्बर 2024 में खनिज विभाग की सतत निगरानी और छापेमारी के दौरान:
1. अवैध उत्खनन के 14 प्रकरण:
- – रेत: 11 मामले
- – मुरूम: 2 मामले
- – डोलोमाइट: 1 मामला
2. अवैध परिवहन के 102 प्रकरण:
- – रेत: 84 मामले
- – चूना पत्थर: 10 मामले
- – मिट्टी/मुरूम: 1 मामला
- – डोलोमाइट: 1 मामला
अर्थदण्ड और निराकरण की स्थिति
- – अवैध उत्खनन के 14 प्रकरणों में से 6 का निराकरण किया गया और कुल ₹17,70,912 का अर्थदण्ड वसूल किया गया।
- – अवैध परिवहन के 102 मामलों में से 64 मामलों का निराकरण करते हुए ₹14,46,860 का जुर्माना वसूला गया।
- – शेष 46 मामलों में वसूली प्रक्रिया चल रही है।
वार्षिक प्रदर्शन (अप्रैल-दिसम्बर 2024)
- – कुल प्रकरण: 592
- – अवैध उत्खनन: 71
- – अवैध परिवहन: 506
- – अवैध भण्डारण: 15
- – 534 मामलों का निराकरण करते हुए ₹1,52,89,328 का अर्थदण्ड वसूला गया। शेष 58 मामलों में वसूली की कार्यवाही जारी है।
खनिजों के अवैध दोहन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन लगातार सख्ती बरत रहा है। जिले में गठित टास्क फोर्स और संयुक्त टीमों द्वारा नियमित निरीक्षण और छापेमारी की जा रही है। साथ ही, वन विभाग भी अपने अधिकार क्षेत्र में खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर नजर रखकर कड़ी कार्रवाई कर रहा है।
छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों का सतत और जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित करना है। अवैध खनन न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि सरकारी राजस्व को भी भारी क्षति होती है। ऐसे में, यह कार्रवाई एक कड़ा संदेश है कि खनिजों के अवैध दोहन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
खनिज विभाग और अन्य संबद्ध विभागों द्वारा की जा रही यह कार्रवाई न केवल अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मददगार साबित हो रही है, बल्कि राज्य में खनिज संपदा के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अवैध खनन से जुड़े अपराधियों को चेतावनी दी जाती है कि भविष्य में ऐसे मामलों में और अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।


