बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के दौरान समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन प्रक्रिया के बीच, धान के अवैध भंडारण और परिवहन के मामलों पर प्रशासनिक सख्ती जारी है। जिले में धान की अवैध खरीद-फरोख्त और भंडारण पर निगरानी रखने के लिए गठित संयुक्त टीम ने 202 क्विंटल अवैध धान जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत सवा 6 लाख रुपये है।
जिला कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर राजस्व, खाद्य और मंडी विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। इस अभियान के तहत जिले के अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर धान जब्त किया गया।
– ग्राम जरेली: राजस्व विभाग की जांच में बीरबल जायसवाल के घर पर 18 क्विंटल धान बिना वैध दस्तावेजों के पाया गया। इसे मंडी अधिनियम 1972 के तहत जब्त किया गया।
– ग्राम बैमा: तहसील बेलतरा में नारायण साहू के संस्थान की जांच के दौरान 125 बोरी धान का अवैध संग्रहण पकड़ा गया।
– ग्राम गौबंद: गनियारी तहसील के इस गांव में नायब तहसीलदार और मंडी निरीक्षकों ने परदेशी साहू के घर पर 184 क्विंटल (455 कट्टी) धान पाया। संबंधित कृषक कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके चलते यह भी जब्त कर लिया गया।

प्रशासन का रुख और भविष्य की योजना
खाद्य विभाग के अधिकारी अनुराग भदौरिया ने बताया कि अवैध धान संग्रहण, परिवहन और व्यापार पर निगरानी समिति लगातार नजर बनाए हुए है। समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के दौरान व्यापारियों और बिचौलियों द्वारा अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है।
सरकार के निर्देशानुसार, अवैध धान विक्रय को रोकने के लिए यह अभियान समर्थन मूल्य उपार्जन की अवधि तक जारी रहेगा। राजस्व, खाद्य और मंडी विभाग की संयुक्त टीमें लगातार सक्रिय हैं और आगे भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
समर्थन मूल्य उपार्जन का उद्देश्य
छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य समर्थन मूल्य योजना के तहत किसानों को उनके उत्पाद का सही मूल्य दिलाना है। लेकिन कुछ व्यापारी और बिचौलिए इस प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए अवैध गतिविधियों में लिप्त हैं। ऐसे मामलों पर सख्ती से रोक लगाकर किसानों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा रही है।


