बिलासपुर, 02 जनवरी 2025: जिले में फायनेंस कंपनियों की गतिविधियों को नियंत्रित करने और उनके कामकाज को कानून के दायरे में रखने के लिए पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में 02 दिसंबर 2024 को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में सभी फायनेंस कंपनियों को वाहनों की सिजिंग (ज़ब्ती) की प्रक्रिया को कानून के तहत पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए थे। साथ ही, गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों और रिकवरी एजेंटों के चरित्र सत्यापन तथा उनके व्यवहार को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए थे।
फायनेंस कंपनियों के प्रतिनिधियों ने इस बैठक में पुलिस द्वारा दिए गए सभी निर्देशों और नियमों का पालन करने का आश्वासन दिया था। लेकिन इसके बावजूद, जिले में नियमों की अवहेलना का मामला सामने आया है।
दिनांक 02 जनवरी 2025 को थाना कोनी क्षेत्र में टाटा मोटर्स फायनेंस लिमिटेड के एक प्रतिनिधि द्वारा ईएमआई (EMI) जमा न होने के कारण ट्रक जब्त करने के नाम पर लूट की घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी सोहेल खान और अन्य के खिलाफ अपराध क्रमांक 05/2025, धारा 309(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी वर्तमान में फरार है और उसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। जल्द ही आरोपी और घटना में शामिल अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों की अनदेखी करने वाली कंपनियों और व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना फायनेंस कंपनियों और उनके प्रतिनिधियों द्वारा कानून के पालन में लापरवाही और गलत तरीकों के उपयोग को उजागर करती है। पुलिस प्रशासन ने सभी फायनेंस कंपनियों से पुनः अपील की है कि वे सिजिंग जैसी कार्रवाई करते समय उचित प्रक्रिया का पालन करें, अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिलासपुर जिले में फायनेंस कंपनियों की ऐसी गतिविधियां न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती हैं, बल्कि आम जनता के अधिकारों का भी हनन करती हैं। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी निगरानी और कार्रवाई की आवश्यकता है। पुलिस प्रशासन की तत्परता और कड़ी कार्रवाई से उम्मीद है कि ऐसे मामलों में कमी आएगी और कानून व्यवस्था बेहतर होगी।


