Wednesday, January 14, 2026
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महासागर में नाव पलटने से, 40 से अधिक पाकिस्तानी नागरिकों की मौत: 86 लोग थे सवार, मानव तस्करी का मामला…

ताजा खबर डेक्स: मोरक्को के पास अटलांटिक महासागर में एक भयानक हादसा हुआ, जिसमें मॉरिटानिया से स्पेन जा रही प्रवासियों से भरी नाव पलट गई। इस हादसे में 40 से अधिक पाकिस्तानी नागरिकों की जान चली गई। यह घटना प्रवासन और मानव तस्करी की त्रासदी को उजागर करती है, जो दशकों से अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

2 जनवरी को मॉरिटानिया से स्पेन के लिए रवाना हुई इस नाव में कुल 86 लोग सवार थे, जिनमें से 66 पाकिस्तानी नागरिक थे। प्रवासियों के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था ‘वॉकिंग बॉर्डर्स’ ने बताया कि 13 दिनों तक समुद्र में संघर्ष के बाद, 44 पाकिस्तानी नागरिकों समेत कुल 50 लोगों की मौत हो गई। इस त्रासदी के बावजूद, मोरक्को के अधिकारियों ने 36 लोगों को बचा लिया।

‘वॉकिंग बॉर्डर्स’ की सीईओ हेलेना मालेनो ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि समुद्र में फंसे लोगों की मदद करने में देर होने की वजह से यह हादसा हुआ।

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। मंत्रालय ने बताया कि उनका रबात स्थित दूतावास मोरक्को के अधिकारियों के संपर्क में है और बचाए गए नागरिकों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। बचाए गए लोग फिलहाल मोरक्को के डाखला बंदरगाह के पास स्थित एक शिविर में ठहरे हुए हैं।

विदेश मंत्रालय ने आपदा प्रबंधन इकाई को सक्रिय कर दिया है और डाखला में अपने अधिकारियों को भेजा है ताकि प्रभावित नागरिकों को तत्काल सहायता मिल सके।

इस घटना ने मानव तस्करी और प्रवास के जोखिमों पर एक बार फिर ध्यान केंद्रित किया है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने मानव तस्करी में शामिल अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

विदेश मंत्री इशाक डार ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित नागरिकों और उनके परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाए।

अफ्रीका से यूरोप की ओर प्रवासन की कोशिशें अक्सर घातक साबित होती हैं। बेहतर जीवन और अवसरों की तलाश में हजारों प्रवासी अत्यधिक जोखिम उठाकर खतरनाक मार्गों से यूरोप पहुंचने की कोशिश करते हैं। मानव तस्कर इन प्रवासियों को गैरकानूनी तरीके से समुद्री मार्ग से यूरोप भेजते हैं। खराब मौसम, कमजोर नावें और भोजन-पानी की कमी जैसी स्थितियां अक्सर इन यात्राओं को घातक बना देती हैं।

इस घटना ने न केवल मानव तस्करी के खतरों को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को प्रवासियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। प्रवासियों के अधिकारों और मानवता को ध्यान में रखते हुए सख्त नीतियों का निर्माण और उनका प्रभावी कार्यान्वयन जरूरी है।

यह हादसा हमें याद दिलाता है कि प्रवासन केवल एक आर्थिक या राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह लाखों जिंदगियों और परिवारों की तकदीर से जुड़ा हुआ है। मानवता के इस संकट को हल करने के लिए सभी देशों को मिलकर प्रयास करना होगा।

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