Sunday, August 31, 2025
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बिलासपुर में जहरीली शराब से मौतों पर बवाल: जिला प्रशासन पर लीपापोती का आरोप, कांग्रेस ने जांच और मुआवजे की रखी मांग…

बिलासपुर जिले के ग्राम लोफंदी में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन मौतों की सही संख्या और असली कारणों को छिपाने की कोशिश कर रहा है वहीं, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी के नेतृत्व में कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाते हुए पीड़ित परिवारों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग शासन प्रशासन से की है।

ग्रामीणों का प्रशासन पर आरोप

ग्राम लोफंदी में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह संख्या 7 से 8 के बीच है। प्रशासन का यह भी दावा है कि इन मौतों का कारण जहरीली शराब नहीं बल्कि शादी समारोह में परोसी गई मछली हो सकती है, जिससे फूड पॉइजनिंग हुई होगी।

लेकिन इस दावे पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीण राकेश्वर पटेल का कहना है कि अगर मौतें मछली खाने से हुई होती, तो शादी में शामिल महिलाओं और बच्चों की भी तबीयत खराब होती या मौत होती। लेकिन अब तक जितनी भी मौतें हुई हैं, वे सभी जहरीली शराब पीने वालों की ही हुई हैं। इससे साफ है कि प्रशासन इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है।

जांच समिति करेगी पड़ताल

इस गंभीर मामले को लेकर कांग्रेस ने जांच की मांग की है। कांग्रेस की ओर से गठित जांच समिति कल दोपहर 12 बजे ग्राम लोफंदी पहुंचेगी। यह समिति अवैध शराब की स्मगलिंग और मौत के कारणों की गहराई से पड़ताल करेगी। इसके अलावा, मृतकों के परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना भी देगी।

पोस्टमार्टम न कराए जाने पर सवाल

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मौतें सिम्स (छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान) में होने के बावजूद मृतकों का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। इससे यह संदेह गहराता है कि प्रशासन किसी बड़े नाम को बचाने की कोशिश कर रहा है।

कांग्रेस की मांगें

जिला कांग्रेस कमेटी ने इस घटना को प्रशासन की घोर लापरवाही करार दिया है और सरकार से मांग की है कि:

  1. पीड़ित परिवारों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
  2. दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
  3. अवैध शराब तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।
  4. जांच में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और मौतों के सही कारणों को उजागर किया जाए।

सरकार की चुप्पी पर सवाल

इस मामले में अब तक प्रशासन की तरफ से कोई ठोस बयान नहीं आया है। जांच के बाद ही साफ होगा कि मौतों का असली कारण क्या था—जहरीली शराब या फूड पॉइजनिंग? लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन इस मामले को दबाने में जुटा है और अवैध शराब माफिया को बचाने की कोशिश कर रहा है।

बिलासपुर के ग्राम लोफंदी में हुई इन मौतों ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया है। यह मामला केवल कुछ लोगों की मौत का नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और अवैध शराब माफिया की साजिश का प्रतीत हो रहा है। अब देखना होगा कि कांग्रेस की मांगों पर सरकार क्या कदम उठाती है और जांच समिति की रिपोर्ट में क्या खुलासा होता है।

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