Wednesday, March 4, 2026
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बिलासपुर में चुनाव से पहले बड़ी कार्रवाई: फर्जी परमिट से लाई गई 1,000 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त

बिलासपुर। चुनावी माहौल में अवैध शराब की खपत बढ़ जाती है, और इसी के तहत एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। आबकारी विभाग की स्टेट और डिविजनल टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए एक कंटेनर से 1,000 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त की है। यह शराब हरियाणा के एक कंटेनर में लाई गई थी और इसके लिए भूटान के नाम पर फर्जी परमिट तैयार किया गया था। बाजार में इसकी अनुमानित कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।

अवैध तस्करी का पर्दाफाश

सूत्रों के मुताबिक, गोवा से अवैध रूप से लाई गई इस शराब को चुनाव में मतदाताओं को लुभाने के लिए खपाने की योजना थी। आबकारी विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि बिलासपुर में शराब की एक बड़ी खेप पहुंचने वाली है। सूचना के आधार पर छतौना इलाके में नाकेबंदी कर जब कंटेनर की तलाशी ली गई, तो उसमें भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब मिली। दिलचस्प बात यह रही कि शराब की बोतलों पर कोई होलोग्राम नहीं था, जिससे यह साफ हुआ कि इसे गैरकानूनी तरीके से बेचा जाने वाला था।

“जय मां लक्ष्मी” कोड

आबकारी विभाग की जांच में सामने आया कि शराब माफिया ने इस खेप की डिलीवरी के लिए “जय मां लक्ष्मी” कोड का इस्तेमाल किया था। यह कोड डीलरों के बीच पहचान का जरिया था, जिससे अवैध शराब को बिना किसी शक के बाजार में उतारा जा सके। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के कोड का इस्तेमाल शराब तस्करों द्वारा लंबे समय से किया जा रहा है ताकि पुलिस और प्रशासन को गुमराह किया जा सके।

शराब तस्करी का नेटवर्क

जांच में पता चला कि यह शराब पंकज सिंह और जय बघेल के लिए लाई गई थी।

  • पंकज सिंह पहले भी शराब तस्करी के मामलों में संलिप्त रह चुका है।
  • जय बघेल आबकारी विभाग में पहले सुपरवाइजर के रूप में काम कर चुका है, जिससे उसे विभाग की कार्यप्रणाली की पूरी जानकारी थी।
  • दोनों आरोपियों ने मिलकर भूटान के नाम पर फर्जी परमिट तैयार करवाया और गोवा से शराब को बिलासपुर लाने की योजना बनाई।

गिरफ्तार और फरार तस्कर

इस पूरे मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो अन्य फरार हैं:

गिरफ्तार आरोपी:

  1. शिवकुमार सोनी – कंटेनर का ड्राइवर, जो हरियाणा के अंबाला का निवासी है।
  2. रवि शर्मा – डिलीवरी बॉय, जो ग्रेटर नोएडा का निवासी है।

फरार आरोपी:

  1. पंकज बघेल
  2. जय बघेल

आबकारी विभाग के अनुसार, ये दोनों मुख्य साजिशकर्ता हैं और फिलहाल फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटी हुई हैं।

कंटेनर का मालिक

जांच में यह भी सामने आया कि इस तस्करी में इस्तेमाल किया गया कंटेनर हरियाणा के बलदेव सिंह का है। कंटेनर का नंबर HR-68-Q 4175 है।

चुनाव से पहले अवैध शराब

चुनावों के दौरान अवैध शराब की खपत बढ़ जाती है, इसलिए प्रशासन और आबकारी विभाग पूरी तरह सतर्क है। इस मामले में अधिकारियों ने कहा है कि जांच जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।

“हमारी प्राथमिकता चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है। अवैध शराब और अन्य प्रलोभनों के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा,” – सहायक आयुक्त नवनीत तिवारी।

इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि शराब तस्कर चुनाव के दौरान अपने मुनाफे के लिए गैरकानूनी रास्ते अपनाने से पीछे नहीं हटते। हालांकि, आबकारी विभाग और प्रशासन की सतर्कता से यह बड़ी साजिश नाकाम हो गई। अब देखने वाली बात होगी कि फरार आरोपियों को कब तक पकड़ा जाता है और इस नेटवर्क के अन्य लोगों पर कब तक शिकंजा कसा जाता है।

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