बिलासपुर। नगर निगम चुनाव के दौरान पार्टी अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ प्रचार करने और निर्दलीय प्रत्याशी का समर्थन करने के आरोप में प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अभय नारायण राय को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने उनके साथ कांग्रेस के दो अन्य नेताओं—मनिहार निषाद और इशहाक कुरैशी—को भी 6 साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया है।
खुलाघात का आरोप
इस मामले में कांग्रेस नेता नगरीय निकाय चुनाव 2025 का कांग्रेस पार्षद प्रत्याशी ब्रम्हदेव सिंह ने पीसीसी अध्यक्ष को लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अभय नारायण राय ने नगर निगम चुनाव के दौरान निर्दलीय प्रत्याशी, जो नारियल छाप चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ रहा था, को खुला समर्थन दिया। ब्रम्हदेव सिंह ने बताया कि उन्होंने अभय नारायण राय से इस विषय पर आग्रह भी किया था, लेकिन इसके बावजूद वे खुलाघात करने से नहीं रुके।
पार्टी छवि को हुआ नुकसान
ब्रम्हदेव सिंह ने अपनी शिकायत में लिखा कि इस कदम से कांग्रेस की छवि को धक्का पहुंचा है और पार्टी को मानसिक, आर्थिक एवं संगठनात्मक रूप से नुकसान हुआ है। उन्होंने पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैच को वार्ड क्रमांक 42 में हुई इस घटना की जानकारी दी थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
तीनों नेताओं पर बड़ी कार्रवाई
पीसीसी के निर्देश पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने अभय नारायण राय, मनिहार निषाद और इशहाक कुरैशी को कांग्रेस से 6 साल के लिए निष्कासित करने का फैसला लिया। इस फैसले को पार्टी में अनुशासन बनाए रखने की दिशा में सख्त कदम के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक प्रभाव
इस निष्कासन के बाद कांग्रेस के भीतर हलचल मची हुई है। पार्टी में अनुशासनहीनता को लेकर यह एक कड़ा संदेश माना जा रहा है, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार के पार्टी विरोधी गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। वहीं, निष्कासित नेताओं की आगे की रणनीति पर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
इस कार्रवाई से साफ है कि कांग्रेस पार्टी चुनावी अनुशासन और एकता को बनाए रखने के लिए किसी भी स्तर पर कठोर कदम उठाने को तैयार है। अब देखना होगा कि इन नेताओं का अगला कदम क्या होगा और इस फैसले का आगामी चुनावों पर क्या प्रभाव पड़ता है।