बिलासपुर, जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 07 से कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी शिवेंद्र कौशिक के खिलाफ पार्टी के ही कुछ वरिष्ठ नेताओं द्वारा खुलेआम विरोध किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस संबंध में कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी ने पार्टी के प्रदेश प्रभारी व वरिष्ठ नेताओं को पत्र लिखकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
बिलासपुर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा शिवेंद्र कौशिक को जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 07 से अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया गया था। लेकिन प्रचार अभियान के दौरान पार्टी के ही कुछ वरिष्ठ नेता एवं पदाधिकारी अधिकृत प्रत्याशी का विरोध कर रहे थे। पत्र में आरोप लगाया गया है कि पूर्व महापौर प्रमोद नायक, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष प्रेम नगरदेव, और अन्य कुछ कांग्रेस पदाधिकारी कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी के विरोध में प्रचार कर रहे थे।
शिवेंद्र कौशिक द्वारा लिखे गए पत्र के अनुसार, विरोधी गुट भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार कर रहा थे, जिससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन नेताओं की गतिविधियां कांग्रेस पार्टी के अनुशासन और नीतियों के खिलाफ हैं और इससे संगठन को नुकसान हुआ है।
अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग
शिवेंद्र कौशिक ने प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सहित कई वरिष्ठ नेताओं को पत्र भेजकर मांग की है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त नेताओं के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की गई तो इससे पार्टी की साख को नुकसान हो सकता है और आगामी कार्यों में इसका प्रभाव पड़ सकता है।
कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती
यह घटना कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। एक ओर जहां पार्टी सत्ता में रहते हुए पंचायत चुनावों में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती थी, वहीं दूसरी ओर अंदरूनी कलह और गुटबाजी उसके चुनावी गणित को बिगाड़ दिया है।
अब देखना यह होगा कि प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या अनुशासनात्मक कार्रवाई करता है।