बिलासपुर रेंज साइबर थाना ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह के तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्यवाही बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला और पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में की गई, जिसमें साइबर अपराधियों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों ने ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर शिक्षक को ठगी का शिकार बनाया और 48 लाख से अधिक की वित्तीय धोखाधड़ी की।
आरोपियों ने शिक्षक सौरभ साहू, जो कि बेमेतरा के आत्मानंद इंग्लिश मिडियम स्कूल में कार्यरत हैं, को व्हाट्सएप पर पार्ट-टाइम ऑनलाइन जॉब का संदेश भेजा। इसके बाद उन्हें “हेल्सबर्ग” नामक वेबसाइट में पैसे इन्वेस्ट करने के लिए प्रेरित किया गया, जहां अच्छे मुनाफे का लालच दिया गया। सौरभ साहू ने धीरे-धीरे अपनी पूंजी को इन्वेस्ट किया और कुल मिलाकर 48,91,061 रुपये की राशि का धोखाधड़ी से भुगतान किया।
आरोपी बायनेंस ऐप, फर्जी सिम कार्ड, और फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी करते थे। उन्होंने लोगों को ऑनलाइन गेमिंग, ट्रेडिंग, वर्क फ्रॉम होम, बीमा पॉलिसी और डिजिटल निवेश के नाम पर ठगी का शिकार बनाया। इस गिरोह ने 99 दिनों में 15 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का लेन-देन यूएसडीटी और क्रिप्टोकरेंसी के रूप में किया।
आरोपियों ने अपने धोखाधड़ी कार्यों को अंजाम देने के लिए विभिन्न राज्यों से 100 से अधिक बैंक खाते खरीदे, जिनमें प्रत्येक की कीमत 50 हजार रुपये थी। इसके अलावा, वे 100 से अधिक फर्जी सिम कार्ड का भी उपयोग करते थे, जिन्हें उन्होंने ओडिशा, झारखंड और बिहार जैसे राज्यों से मंगवाया था।
गिरफ्तार आरोपी
- शाकिब अंसारी (27 वर्ष), निवासी भिवंडी, महाराष्ट्र
- अंसारी मेराज मोहम्मद अकरम (20 वर्ष), निवासी भिवंडी, महाराष्ट्र
- अंसारी फुजैल अहमद (21 वर्ष), निवासी भिवंडी, महाराष्ट्र
आरोपियों को बिलासपुर पुलिस की टीम ने महाराष्ट्र के थाणे जिले के भिवंडी क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
जांच और पूछताछ
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ऑनलाइन गेमिंग, ट्रेडिंग, वर्क फ्रॉम होम जैसी योजनाओं के माध्यम से लोगों को फंसाते थे। टेलीग्राम और बायनेंस जैसे ग्रुप्स के जरिए वे फर्जी बैंक खातों और सिम कार्डों का इस्तेमाल करते थे। एक आरोपी शाकिब अंसारी ने ठगी से प्राप्त राशि से 65 लाख रुपये में जमीन खरीदी थी, जिसे जांच के बाद होल्ड कर दिया गया।
विशेष टीम की भूमिका
इस ऑपरेशन में साइबर थाना की विशेष टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में विजय चौधरी के नेतृत्व में निरीक्षक, उप निरीक्षक अजय वारे, सहायक उप निरीक्षक सुरेश पाठक, प्रधान आरक्षक विक्कू सिंह, और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। इनके साथ महाराष्ट्र पुलिस के सहयोग से यह अभियान सफल हुआ।
यह गिरफ्तारी साइबर अपराधियों के खिलाफ चल रही पुलिस की मुहिम में एक बड़ी जीत है। पुलिस अब इन आरोपियों से और जानकारी जुटाने में लगी हुई है ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जा सके।