बिलासपुर, 13 जुलाई 2025। छत्तीसगढ़ में आयोजित उप अभियंता (सिविल/विद्युत/यांत्रिकी) भर्ती परीक्षा के दौरान एक हाईटेक नकल प्रकरण का खुलासा हुआ है। बिलासपुर के शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सरकंडा (परीक्षा केन्द्र क्रमांक 1309) में परीक्षा के दौरान एक महिला परीक्षार्थी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सहायता से नकल करते हुए पकड़ी गई।
हिडन कैमरा और माइक्रो स्पीकर से लैस थी परीक्षार्थी
परीक्षा के कक्ष क्रमांक 07 में रोल नंबर 13091014 की परीक्षार्थी कु. अन्नु सूर्या, पिता – कलेश्वर राम, की संदिग्ध गतिविधियों पर परीक्षा पर्यवेक्षकों ने तुरंत संज्ञान लिया। जब उनकी तलाशी ली गई तो उनके अंतःवस्त्र में छिपाया गया एक हिडन कैमरा और कान में लगाया गया माइक्रो स्पीकर बरामद हुआ। यह उन्नत तकनीकी माध्यमों का उपयोग कर नकल करने की सुनियोजित कोशिश थी।
परीक्षा केंद्र के बाहर से मिली मदद की पुष्टि
इस पूरे नेटवर्क को संचालित करने के लिए परीक्षा केंद्र परिसर के बाहर मौजूद एक अन्य महिला – कु. अनुराधा बाई के पास से वॉकी-टॉकी, टैबलेट, ब्लूटूथ डिवाइस और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। यह स्पष्ट रूप से एक संगठित गिरोह द्वारा परीक्षा में नकल कराने का प्रयास था, जिसमें अंदर-बाहर से तालमेल बनाकर काम किया जा रहा था।
व्यापम और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
परीक्षा कक्ष में संदिग्ध गतिविधि पकड़े जाने के बाद, केन्द्राध्यक्ष द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए नकल प्रकरण तैयार कर छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) को प्रेषित कर दिया गया। साथ ही, थाना सरकंडा पुलिस को सूचित कर दोनों महिलाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई है। पुलिस द्वारा आगे की जांच व वैधानिक कार्यवाही जारी है।
“जीरो टॉलरेंस” की नीति पर कायम प्रशासन
छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल और जिला प्रशासन ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए दोहराया है कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नकल जैसे मामलों पर “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई गई है और भविष्य में भी इस प्रकार की किसी भी अनुचित गतिविधि पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षाओं की साख पर सवाल
इस हाईटेक नकल कांड ने एक बार फिर परीक्षा व्यवस्थाओं की सुरक्षा और निगरानी प्रणाली को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, परीक्षा मंडल की सतर्कता से यह प्रकरण समय रहते पकड़ में आ गया, लेकिन यह भी साफ हो गया है कि संगठित गिरोह अब नकल के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का प्रयोग करने लगे हैं।