बिलासपुर – काम में लापरवाही और प्रोजेक्ट को अधर में लटकाए रखने वाले ठेकेदारों पर बिलासपुर स्मार्ट सिटी ने कड़ी कार्रवाई की है। करोड़ों रुपये का अर्थदंड लगाते हुए ठेके निरस्त कर दिए गए हैं। अरपा उत्थान एवं तट संवर्धन योजना और मंगला एसटीपी प्रोजेक्ट्स पर यह बड़ी कार्यवाही की गई है, जिससे ठेकेदारों में हड़कंप मचा है।
अरपा नदी के बांई ओर इंदिरा सेतु से पुराने पुल तक सड़क, समतलीकरण, रिटेनिंग वाल, टोवाल और नाला निर्माण कार्य 49.94 करोड़ की लागत से मेसर्स गणपति इंफ्रास्ट्रक्चर को सौंपा गया था।
निर्धारित समयसीमा और एक्सटेंशन मिलने के बाद भी कार्य में प्रगति नहीं हुई। पहले 2 अप्रैल 2025 को 37.50 लाख की पेनाल्टी लगाई गई, लेकिन इसके बावजूद स्थिति जस की तस रही।
अंततः 14 अगस्त को स्मार्ट सिटी एमडी अमित कुमार के निर्देश पर कंपनी पर 2.99 करोड़ रुपये का अर्थदंड लगाया गया और ठेका निरस्त कर दिया गया। नया टेंडर जारी होने के बाद नियमानुसार 11.32 लाख अतिरिक्त पेनाल्टी लगाई गई। इस प्रकार कुल 3.10 करोड़ रुपये की पेनाल्टी तय की गई है।
अरपा नदी में दूषित जल रोकने के लिए मंगला में 10 एमएलडी (13.54 करोड़) और 6 एमएलडी (8.69 करोड़) क्षमता के एसटीपी के साथ सड़क और नाला निर्माण कार्य श्रद्धा कंस्ट्रक्शन को दिया गया था।
निर्माण गति धीमी रहने पर 19 मई 2025 को दोनों प्रोजेक्ट पर 3-3 प्रतिशत पेनाल्टी लगाई गई थी। इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होने पर 14 अगस्त को 10 एमएलडी प्रोजेक्ट पर 7 प्रतिशत (94.78 लाख) और 6 एमएलडी प्रोजेक्ट पर 7 प्रतिशत (60.83 लाख) का जुर्माना लगाया गया। अब तक दोनों प्रोजेक्ट्स पर कुल 1.99 करोड़ रुपये की पेनाल्टी लग चुकी है और ठेका निरस्त करने की अंतिम चेतावनी जारी की गई है।
अरपा उत्थान योजना के तहत बांई ओर इंदिरा सेतु से नए पुल तक सड़क निर्माण के लिए 9.73 करोड़ रुपये का नया टेंडर जारी किया गया है। इस मार्ग को “अटल पथ” नाम दिया जाएगा।
स्मार्ट सिटी प्रबंधन का यह कदम संकेत देता है कि अधूरे प्रोजेक्ट्स, धीमी रफ्तार और लापरवाही को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्रवाई से बाकी ठेकेदारों के लिए भी सख्त संदेश गया है कि समयसीमा और गुणवत्ता से समझौता करने की कीमत भारी होगी।