बिलासपुर, 15 अगस्त 2025। आज 79वें स्वतंत्रता दिवस (यौमे आज़ादी की सालगिरह) के अवसर पर शहर की 1894 में निर्मित ऐतिहासिक जामा मस्जिद में सुबह 8 बजे ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मज़हर खान के उद्बोधन से हुई, जिसमें उन्होंने आज़ादी की लड़ाई में मुसलमानों की कुर्बानियों, उनके द्वारा रचे गए तरानों और नारों के इतिहास को विस्तार से बताया।
इसके बाद मस्जिद के सदर वहीदुल्ला खान ने ध्वजारोहण किया। इस दौरान देशभक्ति का माहौल तब और गहरा गया जब मुफ्ती सरफ़राज़ साहब ने आज़ादी के तराने गाए। अपने संबोधन में वहीदुल्ला खान ने कहा कि यह आज़ादी लाखों कुर्बानियों का नतीजा है, जिसकी कीमत पहचानना और इसकी हिफाज़त करना हम सबका फर्ज़ है। उन्होंने लोगों से एकजुट होकर मातृभूमि के विकास और संरक्षण के लिए काम करने का आह्वान किया।
इसी कड़ी में तालापारा ताज मस्जिद में भी ध्वजारोहण का आयोजन किया गया। इस मौके पर वहीदुल्ला भाई (सदर), फहीम भाई, रिज़वान भाई, शाहिद भाई, मज़हर भाई, मोलवी आलमगीर, मुफ्ती सरफ़राज़, मुफ्ती सलमान, मौलवी किफ़ायतुल्ला, फिरोजिद्दीन, इक़बाल गौरी, हाजी यूसुफ, मुजाहिद खान, अब्दुल रज़्ज़ाक़, डॉ. मोहन गुप्ता, बाबा भाई डबरी पारा, शेख अमानुल्लाह, शाहिद खान, शमीम भाई, हाफिज़ फजलुर्रहमान, अदीम खान, सलीम खान, आदिल खान, शोएब खान और अयाज़ ज़ुनजानी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
ऐतिहासिक मस्जिद की प्राचीर से फहराता तिरंगा और आज़ादी के तराने सुनकर उपस्थित जनसमूह गर्व और देशभक्ति की भावना से सराबोर हो गया। यह आयोजन शहर में साम्प्रदायिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बन गया।