बिलासपुर। नशे के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए बिलासपुर पुलिस लगातार कड़े कदम उठा रही है। इसी क्रम में पुलिस ने एन.डी.पी.एस. एक्ट की धारा 68-एफ के तहत एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों की अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर फ्रीज कर दिया है। यह कार्रवाई महज 50 दिनों के भीतर पूरी की गई, जो पुलिस की तत्परता और दृढ़ निश्चय को दर्शाती है।
थाना सकरी क्षेत्र के चोरभट्ठी खुर्द निवासी कांति पांडे के विरुद्ध नशीले पदार्थों की तस्करी से संबंधित 3 अलग-अलग प्रकरण दर्ज हैं। विवेचना के दौरान सामने आया कि कांति पांडे ने नशे के कारोबार से प्राप्त अवैध कमाई से ₹15 लाख का मकान चोरभट्ठी खुर्द में और ₹21 लाख की जमीन चोरभट्ठी कला में खरीदी थी। पुलिस ने दोनों संपत्तियों को चिन्हित कर फ्रीज करने की कार्यवाही पूरी की।
इसी तरह दीपक गंडा, निवासी कोडपल्ला, अंबाभना (ओडिशा) के विरुद्ध थाना सकरी में अपराध क्रमांक 533/2025 धारा 20(बी), 29 एनडीपीएस एक्ट दर्ज है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान उसके पास से ₹2,50,000 नकदी जब्त की थी, जो गांजा की अवैध बिक्री से अर्जित की गई थी। विवेचना में यह भी साबित हुआ कि यह रकम नशे के धंधे से ही प्राप्त हुई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत संपत्ति को चिन्हित कर फ्रीज करने की प्रक्रिया सामान्यतः लंबी होती है। लेकिन बिलासपुर पुलिस ने विशेष रणनीति अपनाकर महज 50 दिनों के भीतर ही कार्रवाई पूरी कर ली। फ्रीज की गई संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत ₹38.50 लाख आँकी गई है। आगे की वैधानिक प्रक्रिया हेतु सम्पूर्ण प्रकरण को माननीय SAFEMA न्यायालय, मुंबई को भेजा गया है।
बिलासपुर पुलिस की अब तक की कार्रवाइयों पर नजर डालें तो जिले में कुल 7 प्रकरणों में 19 व्यक्तियों की अवैध संपत्तियाँ चिन्हित कर फ्रीज की गई हैं। इन संपत्तियों की बाजार कीमत लगभग ₹7.40 करोड़ है। यह आँकड़ा दर्शाता है कि पुलिस केवल नशे का सामान जब्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि तस्करों की आर्थिक जड़ों को भी काट रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर ने बताया कि नशे के नेटवर्क को कमजोर करने का सबसे प्रभावी तरीका है उनके आर्थिक आधार को समाप्त करना। इसीलिए नशे के धंधे से अर्जित अवैध संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त या फ्रीज किया जा रहा है, ताकि आरोपी भविष्य में इस धन का उपयोग अपराध बढ़ाने या नेटवर्क मजबूत करने में न कर सकें।
उत्कृष्ट कार्य पर मिला सम्मान
इस कार्रवाई में उप निरीक्षक सुरेंद्र तिवारी की भूमिका बेहद सराहनीय रही। उन्होंने पूरी निष्ठा और सतर्कता के साथ संपत्तियों की पहचान कर उन्हें फ्रीज करने की प्रक्रिया को गति दी। उनके योगदान की सराहना करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर ने उन्हें नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।


