बिलासपुर।
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में आ रही गंभीर समस्याओं को लेकर बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस नेता विजय केशवानी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपते हुए धान खरीदी व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन और कलेक्ट्रेट घेराव के लिए मजबूर होंगे।
ज्ञापन में किसानों ने बताया कि जिले में धान खरीदी समितियों के माध्यम से की जा रही है, लेकिन समितियों की सीमित क्षमता और प्रतिदिन तय की गई खरीदी लिमिट किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। टोकन कटने के बावजूद कई समितियों में धान की खरीदी नहीं हो पा रही है। किसान सुबह से शाम तक समिति परिसरों में अपने धान बेचने के इंतजार में बैठे रहते हैं, लेकिन शाम को यह कहकर लौटा दिया जाता है कि उस दिन की खरीदी की लिमिट पूरी हो चुकी है। इसके बाद अगले दिन फिर आने को कहा जाता है, जिससे किसानों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
किसानों का कहना है कि इस प्रक्रिया से न केवल उनका कीमती समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि परिवहन और मजदूरी पर अतिरिक्त खर्च भी बढ़ गया है। पहले से ही सीमित संसाधनों से जूझ रहे किसानों के लिए यह स्थिति और अधिक बोझ बनती जा रही है। गांव से समिति तक धान लाने के बाद भी यदि पूरा दिन इंतजार के बावजूद खरीदी न हो, तो किसानों में नाराजगी स्वाभाविक है।
कई किसानों ने यह भी बताया कि उनकी फसल अब भी घरों और खलिहानों में पड़ी हुई है, जबकि धान खरीदी प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच रही है। ऐसे में यदि समय पर खरीदी नहीं हुई, तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने मांग की है कि बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी धान खरीदी समितियों की दैनिक खरीदी लिमिट बढ़ाई जाए और टोकन के आधार पर धान खरीदी की व्यवस्था को पूरी तरह सुचारू किया जाए, ताकि किसानों का धान तय समय सीमा में खरीदा जा सके।
कांग्रेस नेता विजय केशवानी ने प्रशासन से किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की अपील करते हुए कहा कि धान खरीदी में लापरवाही सीधे तौर पर किसानों के हितों पर कुठाराघात है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसान आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।


