जांजगीर। किसानों के साथ धोखाधड़ी के गंभीर आरोपों में सीजेएम कोर्ट जांजगीर-चांपा ने जैजैपुर से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत में सरगर्मी तेज हो गई है, वहीं किसान संगठनों में भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
मामले में पुलिस ने विधायक बालेश्वर साहू के खिलाफ चार सौ बीसी (धारा 420) सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया था। पीड़ित किसानों की शिकायत पर करीब दो महीने पहले एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद से यह मामला चर्चा में था।
एफआईआर दर्ज होने के बाद विधायक ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस को चालान पेश करने की अनुमति देते हुए यह निर्देश दिया था कि निचली अदालत के आदेश से पहले विधायक के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। हाईकोर्ट के इस आदेश के चलते पुलिस ने पिछले दो महीनों तक विधायक के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया।
हालांकि, चूंकि मामला दर्ज हो चुका था, इसलिए पुलिस के लिए कोर्ट में चालान पेश करना अनिवार्य था। इसी क्रम में शुक्रवार को पुलिस ने सीजेएम कोर्ट में विधायक के खिलाफ चार्जशीट पेश की। इसके लिए पुलिस ने विधायक को समंस जारी किया, जिस पर वे स्वयं अदालत में उपस्थित हुए।
सुनवाई के दौरान सीजेएम कोर्ट ने पुलिस द्वारा पेश की गई चार्जशीट का गहन अध्ययन किया। गंभीर धाराओं और आरोपों को देखते हुए अदालत ने विधायक बालेश्वर साहू को 22 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। इसके बाद विधायक की ओर से सीजेएम कोर्ट में जमानत आवेदन प्रस्तुत किया गया, लेकिन सुनवाई के बाद अदालत ने जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस विधायक को लेकर जिला अस्पताल पहुंची, जहां चिकित्सकों की मौजूदगी में उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। स्वास्थ्य परीक्षण में सब कुछ सामान्य पाए जाने के बाद पुलिस विधायक को लेकर खोखरा जिला जेल रवाना हुई।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद कांग्रेस पार्टी के भीतर और प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। वहीं, किसानों से जुड़े इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


