Tuesday, January 13, 2026
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गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के हॉस्टल मेस में चाकूबाजी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजे गए…

बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU) के तांतया भील बालक छात्रावास में स्थित मेस में हुए एक गंभीर और सनसनीखेज घटनाक्रम में कोनी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मेस में नाश्ते को लेकर हुए विवाद के दौरान छात्रों पर चाकू लेकर दौड़ाने और मारपीट करने का मामला सामने आया था, जिससे विश्वविद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 11 जनवरी 2026 की शाम करीब 6 बजे छात्र हर्ष अग्रवाल मेस में नाश्ता ले रहे थे। इसी दौरान उन्होंने मेस कर्मचारियों से अन्य छात्र को आलूगुंडा देने की बात कही, जिस पर मेस कर्मचारी दीपक केवट और दीपेंद्र केवट भड़क गए। आरोप है कि दोनों ने गाली-गलौज करते हुए मेस के प्लेटफार्म पर चढ़कर चाकू निकाल लिया और छात्र को जान से मारने की धमकी देते हुए दौड़ाया। इसके बाद हाथ-मुक्कों से मारपीट भी की गई।

घटना की शिकायत मिलते ही कोनी थाना में अपराध क्रमांक 12/26 के तहत धारा 296, 115(2), 351(2), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 व 27 के तहत मामला दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज पटेल एवं नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद घटना में प्रयुक्त एक नग चाकू को गवाहों के समक्ष जब्त किया गया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए 12 जनवरी 2026 को दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
(1) दीपक केवट, पिता ठनक राम केवट, उम्र 21 वर्ष, निवासी करही, थाना बिर्रा, जिला शक्ति (छत्तीसगढ़)
(2) दीपेंद्र केवट, पिता ठनक राम केवट, उम्र 19 वर्ष, निवासी करही, थाना बिर्रा, जिला शक्ति (छत्तीसगढ़)

इस घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या अपराध की सूचना तुरंत स्थानीय थाना या डायल 112 पर दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

कोनी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से जहां छात्रों ने राहत की सांस ली है, वहीं यह संदेश भी गया है कि विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी तरह की हिंसा या गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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