बिलासपुर/दिल्ली। घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए एक अहम बदलाव सामने आया है। एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग को लेकर गैस कंपनियों ने नए नियम लागू कर दिए हैं, जिनका सीधा असर लाखों उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। इस फैसले का उद्देश्य गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर रोक लगाना और वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना बताया जा रहा है।
देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनी Indian Oil Corporation (IOC) सहित अन्य कंपनियों ने घरेलू गैस सिलेंडर की रिफिल बुकिंग के बीच का समय अंतराल बढ़ा दिया है। अब उपभोक्ता तय समय से पहले अगली बुकिंग नहीं कर पाएंगे, जिससे अनावश्यक स्टॉकिंग और अवैध उपयोग पर नियंत्रण लगाने की कोशिश की जा रही है।
नए नियमों के तहत 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर के लिए पहले जहां 25 दिनों का अंतराल निर्धारित था, उसे बढ़ाकर 35 दिन कर दिया गया है। यानी अब दो सिलेंडर वाले कनेक्शन धारकों को पिछली डिलीवरी के 35 दिन बाद ही अगली बुकिंग की अनुमति होगी।
वहीं, अलग-अलग श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए अलग समय सीमा तय की गई है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को अब अपनी अगली रिफिल के लिए 45 दिनों तक इंतजार करना होगा। इसके अलावा सिंगल बॉटल कनेक्शन (SBC) वाले उपभोक्ताओं के लिए 25 दिन का अंतराल निर्धारित किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सिलेंडर का उपयोग वास्तविक जरूरत के अनुसार ही हो।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम गैस की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और व्यावसायिक उपयोग को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है। कई बार देखा गया है कि घरेलू गैस का उपयोग व्यवसायिक गतिविधियों में किया जाता है, जिससे वास्तविक उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध नहीं हो पाती।
हालांकि, इस नए नियम से आम उपभोक्ताओं को थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है, खासकर उन परिवारों को जो गैस की खपत अधिक करते हैं। लेकिन कंपनियों का दावा है कि इससे वितरण प्रणाली में सुधार होगा और जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक समय पर गैस पहुंच सकेगी।
फिलहाल, उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अपने गैस उपयोग की योजना पहले से बनाकर रखें और नए नियमों के अनुसार ही बुकिंग करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।


