बिलासपुर। शादी जैसे पवित्र रिश्ते को आधार बनाकर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का सनसनीखेज खुलासा बिलासपुर पुलिस ने किया है। फर्जी बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के जरिए संचालित तथाकथित “मैरिज ब्यूरो” के नाम पर चल रहे इस गोरखधंधे पर पुलिस ने करारा प्रहार करते हुए कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई ने न केवल शहर में सक्रिय ठगों के नेटवर्क को उजागर किया है, बल्कि ऑनलाइन मैट्रिमोनियल सेवाओं के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े की भी पोल खोल दी है।
दरअसल, म्यूल (फर्जी/दूसरों के नाम पर संचालित) बैंक खातों की जांच के दौरान पुलिस को इस गिरोह के बारे में अहम सुराग मिले। जांच में सामने आया कि कई बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन हो रहा था, जिनका इस्तेमाल “मैरिज ब्यूरो” के नाम पर ठगी की रकम जमा करने में किया जा रहा था। इसी आधार पर पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज करते हुए सरकण्डा और कोतवाली थाना क्षेत्र में संचालित कॉल सेंटरों पर छापा मारा।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 10 कंप्यूटर सेटअप, 70 मोबाइल फोन और 20 हजार रुपये नकद बरामद किए। साथ ही, चार आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है। गिरफ्तार आरोपियों में महारथी साहू, फुलेश्वर प्रसाद श्रीवास, तरुणा उर्फ सोनु खरे और नीरा बाथम शामिल हैं।
पूछताछ में जो खुलासा हुआ, वह चौंकाने वाला है। गिरोह शादी के इच्छुक लोगों को निशाना बनाता था। पहले उन्हें उपयुक्त जीवनसाथी दिलाने का भरोसा दिया जाता, फिर भावनात्मक रूप से जोड़ने के लिए युवतियों की फर्जी प्रोफाइल तैयार की जाती थी। कॉल सेंटर में बैठी महिलाएं इन प्रोफाइल के जरिए ग्राहकों से बातचीत करतीं और विश्वास जीतने के बाद उनसे पैसे जमा कराए जाते थे। रकम मिलते ही संपर्क तोड़ दिया जाता था।
एक मामले में बिहार निवासी शिकायतकर्ता से विवाह के नाम पर 10 हजार रुपये ठगे गए। जब उसे कोई सेवा नहीं मिली, तब उसने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद यह पूरा मामला सामने आया।
जांच में यह भी पाया गया कि “मैरिज ब्यूरो” की आड़ में खोले गए बैंक खातों में लाखों रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह कोई छोटा-मोटा फर्जीवाड़ा नहीं, बल्कि सुनियोजित ठगी का नेटवर्क था।
फिलहाल, थाना सरकण्डा में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब शहर के अन्य क्षेत्रों में संचालित ऐसे संदिग्ध “मैरिज ब्यूरो” पर भी नजर बनाए हुए है और जल्द ही और खुलासे होने की संभावना है।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि डिजिटल युग में रिश्तों की तलाश भी अब साइबर अपराधियों के निशाने पर है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और किसी भी मैट्रिमोनियल सेवा पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना बेहद जरूरी हो गया है।


