Wednesday, April 15, 2026
Homeक्राइमविदेशी निवेश और डिमांड ड्राफ्ट के नाम पर 3.13 करोड़ की ठगी:...

विदेशी निवेश और डिमांड ड्राफ्ट के नाम पर 3.13 करोड़ की ठगी: मास्टरमाइंड गिरफ्तार, पुलिस ने खोला हाईटेक फ्रॉड का जाल…

बिलासपुर। थाना चकरभाठा क्षेत्र में विदेशी निवेश और डिमांड ड्राफ्ट क्लियरेंस के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले में पुलिस ने सुनियोजित साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि जनवरी-फरवरी 2024 के दौरान उसे एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप मैसेज प्राप्त हुआ। संदेश भेजने वाले ने खुद को ग्रेट ब्रिटेन का निवासी “डॉ. लोव्हीत” बताया और बाद में उसे अपनी सहयोगी “ग्रेस डेविड” (स्कॉटलैंड) से जोड़ दिया।

ग्रेस डेविड ने भारत में कैंसर अस्पताल, ब्लाइंड इंस्टीट्यूट, रियल एस्टेट और लॉ कॉलेज में करीब 500 करोड़ रुपये निवेश करने का प्रस्ताव दिया और प्रार्थी को साझेदार बनाने का झांसा दिया। इस लालच में आकर प्रार्थी ने प्रोजेक्ट रिपोर्ट तक तैयार करवा ली और लगातार व्हाट्सएप के जरिए संपर्क बनाए रखा।

10 जून 2024 को कथित महिला के भारत आने और उसके नाम पर स्कॉटलैंड बैंक से जारी लगभग 103 करोड़ रुपये के डिमांड ड्राफ्ट के क्लियरेंस का झांसा देकर प्रार्थी से रकम मांगने का सिलसिला शुरू हुआ। शुरुआत में होटल, दैनिक खर्च और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर पैसे लिए गए, इसके बाद एंबेसी, बैंक, प्रवर्तन निदेशालय, आरबीआई और कस्टम विभाग की प्रक्रिया का हवाला देकर लगातार मोटी रकम वसूली जाती रही।

इस तरह 31 जुलाई 2024 तक प्रार्थी से पहले लगभग 11.50 लाख रुपये विभिन्न खातों के माध्यम से ट्रांसफर कराए गए। इसके बाद आरोपी नवीन जून के खाते में अलग-अलग किश्तों में कुल 3 करोड़ 13 लाख 13 हजार रुपये जमा कराए गए।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी नवीन जून (उम्र 34 वर्ष), निवासी सोनीपत (हरियाणा) और वर्तमान में देवरी खुर्द, बिलासपुर में रह रहा था। आरोपी ने अपने मोबाइल से फर्जी ईमेल आईडी बनाकर खुद को बैंक, एंबेसी और अन्य संस्थाओं का अधिकारी बताकर प्रार्थी को भ्रमित किया। बैंकिंग प्रक्रियाओं की जानकारी का फायदा उठाकर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पूरी ठगी को अंजाम दिया।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया है। वह पहले बैंक में डायरेक्ट सेलिंग एजेंट के रूप में काम कर चुका है, जिससे उसे बैंकिंग सिस्टम की गहरी जानकारी थी।

विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से महंगी Thar और Venue कार, मोबाइल फोन, टैबलेट और लैपटॉप जब्त किए हैं। पुलिस का मानना है कि इस ठगी में अन्य लोगों की भी संलिप्तता है, जिनकी पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि विदेशी निवेश, लॉटरी या डिमांड ड्राफ्ट जैसे लालच भरे प्रस्तावों से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

spot_img

advertisement

spot_img
RELATED ARTICLES

Recent posts

error: Content is protected !!
Latest
Verified by MonsterInsights