बिलासपुर। जिले के बेलगहना तहसील अंतर्गत हल्का क्रमांक 01 में पदस्थ पटवारी अंकित स्वर्णकार पर भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और ग्रामीणों को प्रताड़ित करने के गंभीर आरोपों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बड़ी संख्या में ग्रामीण, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव के नेतृत्व में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पटवारी द्वारा धान पंजीयन और खरीदी के नाम पर किसानों से अवैध वसूली की जा रही है। पैसे नहीं देने वाले लगभग 150 किसानों की फसल में आपत्ति लगाकर उन्हें बिक्री से वंचित कर दिया गया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, बड़े भू-स्वामियों के साथ मिलीभगत कर बिना वास्तविक फसल के ही धान का पंजीयन कर अवैध तरीके से बिक्री कराए जाने का भी आरोप सामने आया है।
मामला यहीं नहीं थमता—ग्रामीणों के अनुसार नामांतरण, फौती बटवारा और नकल जैसे सामान्य राजस्व कार्यों के लिए भी 10 से 20 हजार रुपये तक की मांग की जाती है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इसके साथ ही आमागोहन क्षेत्र की शासकीय भूमि से मिट्टी निकालकर रेलवे ठेकेदार को लगभग 5 लाख रुपये में बेचे जाने का गंभीर आरोप भी लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस अवैध गतिविधि से न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान हो रहा है, बल्कि पर्यावरण और प्राकृतिक संरचना पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्राम सभा द्वारा प्रस्तावित रेत आवास निर्माण कार्य में भी कथित रूप से अवैध वसूली के चलते बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि शिकायत करने पर पटवारी द्वारा अपनी पहुंच का धौंस दिखाकर डराने-धमकाने की कोशिश की जाती है। उन्होंने पहले भी तहसीलदार और एसडीएम से शिकायत कर स्थानांतरण की मांग की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इस पूरे मामले पर कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो जनआंदोलन किया जाएगा और प्रतीकात्मक रूप से पटवारी को “जूता माला” पहनाकर विदाई दी जाएगी।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि पटवारी को तत्काल हटाकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


