बिलासपुर। शहर में महंगे नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। इसी कड़ी में सिरगिट्टी पुलिस ने नया बस स्टैंड तिफरा के पास घेराबंदी कर एक युवक को ‘ओरिजनल गैंगस्टर ओजी’ नाम से बताए गए 5.32 ग्राम मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी कार में नशीला पदार्थ लेकर बिक्री के लिए पहुंचा था। पुलिस ने उसके कब्जे से नशीला पदार्थ, करीब 7 लाख रुपये कीमत की किया सेल्टोस कार और 50 हजार रुपये कीमत का आईफोन 16 प्रो बरामद किया है। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 7.65 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के मुताबिक, जिले में अवैध मादक पदार्थों और नशीली दवाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि काले रंग की सेल्टोस कार क्रमांक CG10AS3131 में एक व्यक्ति नया बस स्टैंड तिफरा से महंगा नशीला पदार्थ लेकर उसे बेचने के लिए परिवहन करने वाला है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल अवगत कराया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन परमेश्वर तिलकवार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी उप पुलिस अधीक्षक आकाश चौधरी ने पुलिस टीम गठित की। टीम ने नया बस स्टैंड तिफरा के आसपास घेराबंदी कर संदिग्ध कार को रोका और तलाशी ली।
तलाशी के दौरान पुलिस ने शोभित जजोदिया उर्फ अक्षत (32) निवासी लिंक रोड, सुमंगलम अपार्टमेंट के पास तारबहार को पकड़ा। उसके कब्जे से 5.32 ग्राम ‘ओरिजनल गैंगस्टर ओजी’ मादक पदार्थ, नशीले पदार्थ के अवैध परिवहन में इस्तेमाल की जा रही किया सेल्टोस कार, और एप्पल आईफोन 16 प्रो बरामद किया गया। पुलिस ने जब्त सामान की कुल कीमत करीब 7 लाख 65 हजार रुपये आंकी है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 570/2026 में धारा 20ए एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई में सिरगिट्टी थाना प्रभारी उप पुलिस अधीक्षक आकाश चौधरी, सउनि नरेश कुमार गर्ग, प्रधान आरक्षक प्रभाकर सिंह, आरक्षक वीरेंद्र निषाद, संजय यादव सहित एसीसीयू प्रभारी निरीक्षक गोपाल सतपती और एसीसीयू की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि बिलासपुर में नशे के अवैध कारोबार को लेकर पुलिस की नजर अब सिर्फ छोटे स्तर के विक्रेताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि महंगे और नए तरह के नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन पर भी शिकंजा कसने की कोशिश की जा रही है। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आरोपी तक यह नशीला पदार्थ कहां से पहुंचा और इसके पीछे सप्लाई नेटवर्क में कौन-कौन लोग जुड़े हैं।


