Homeक्राइमफरार आरोपी पर हिर्री पुलिस का शिकंजा, कोयले की गुणवत्ता में हेराफेरी...

फरार आरोपी पर हिर्री पुलिस का शिकंजा, कोयले की गुणवत्ता में हेराफेरी के मामले में वाहन मालिक गिरफ्तार…

बिलासपुर। हिर्री थाना क्षेत्र के डिघोरा स्थित ब्रज आयरन एंड स्टील लिमिटेड कंपनी में घटिया गुणवत्ता का कोयला पहुंचाने के मामले में पुलिस ने तीन माह से फरार चल रहे आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मामले में वाहन मालिक सहदेव साहू (49) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी की गिरफ्तारी से कोयला परिवहन से जुड़े इस मामले में पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ी है।

मामला 18 मई 2026 का है। प्रार्थी आशीष केशरी द्वारा हिर्री थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि वह कोयला परिवहन एवं लिफ्टिंग का काम करता है। एसईसीएल रामपुर की कोयला खदान से उच्च गुणवत्ता वाला G-6 (5500-5800 GCV) कोयला दो ट्रेलरों क्रमांक CG-12-S-8901 और CG-04-HX-4888 में लोड कर डिघोरा स्थित ब्रज आयरन एंड स्टील लिमिटेड भेजा गया था।

कंपनी पहुंचने के बाद जब कोयले का केमिकल लैब परीक्षण कराया गया तो पूरी कहानी बदल गई। जांच में दोनों ट्रेलरों में पहुंचा कोयला निर्धारित गुणवत्ता के बजाय महज 4203 और 4220 GCV का पाया गया। यानी खदान से जिस उच्च गुणवत्ता के कोयले की आपूर्ति बताई गई थी, उसके स्थान पर कम गुणवत्ता वाला कोयला पहुंचने का मामला सामने आया। रिपोर्ट के आधार पर हिर्री पुलिस ने अपराध क्रमांक 121/2026 दर्ज कर धारा 316(3), 317(2), 317(4), 3(5) बीएनएस के तहत जांच शुरू की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक चकरभाठा राजेश जोशी के निर्देशन में हिर्री थाना प्रभारी निरीक्षक दामोदर प्रसाद मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। विवेचना के दौरान ट्रेलर क्रमांक CG-04-HX-4888 के वाहन मालिक सहदेव साहू की भूमिका भी सामने आई।

पुलिस के मुताबिक आरोपी घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था और उसकी तलाश की जा रही थी। आखिरकार पुलिस ने घेराबंदी और पतासाजी के बाद 12 अगस्त 2026 की रात करीब 10:30 बजे सहदेव साहू को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ एवं वैधानिक कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

कोयले की गुणवत्ता में अंतर सामने आने के बाद यह मामला महज परिवहन की अनियमितता तक सीमित नहीं माना जा रहा है। उच्च गुणवत्ता के कोयले के नाम पर कम गुणवत्ता का कोयला पहुंचने की घटना ने पूरे परिवहन तंत्र और उससे जुड़े लोगों की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस अब मामले में अन्य संभावित कड़ियों और संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

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