बिलासपुर/रतनपुर। बारिश के मौसम में खूंटाघाट वेस्टवियर का तेज बहाव लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है, लेकिन रोमांच और सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाहत में कुछ लोग अपनी जिंदगी तक दांव पर लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। 16 अगस्त को खूंटाघाट वेस्टवियर से सामने आई तस्वीरों ने लापरवाही की ऐसी तस्वीर दिखाई, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया।
लोगों की सुरक्षा को देखते हुए वेस्टवियर के खतरनाक हिस्से में प्रवेश रोकने के लिए गेट पर ताला लगाया गया था। इसके बावजूद कुछ लोग गेट लांघकर प्रतिबंधित क्षेत्र में जा पहुंचे। इसके बाद तेज बहाव वाले पानी के बिल्कुल करीब खड़े होकर सेल्फी और वीडियो बनाने लगे। हद तो तब हो गई जब कुछ लोग अपने परिवार, बच्चों और महिलाओं को भी लेकर इस खतरनाक स्थान तक पहुंच गए।
मामले की जानकारी मिलते ही रतनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और गेट लांघकर अंदर पहुंचे लोगों को बाहर निकाला। पुलिस ने मौके पर ही जमकर फटकार लगाते हुए समझाइश दी कि गहरे पानी में जाना और तेज बहाव के करीब खड़ा होना जानलेवा हो सकता है। पुलिस ने साफ कहा कि कुछ सेकंड की रील और एक सेल्फी के लिए अपनी जिंदगी को खतरे में डालना किसी भी हालत में समझदारी नहीं है।
लापरवाही करने वालों को पुलिस ने मौके पर ही कान पकड़कर उठक-बैठक कराई और दोबारा ऐसी हरकत नहीं करने की चेतावनी दी। पुलिस की इस कार्रवाई का मकसद लोगों को अपमानित करना नहीं, बल्कि उन्हें यह समझाना था कि बारिश के मौसम में नदी, नाले, डेम और वेस्टवियर के आसपास जरा-सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।
बारिश के दौरान पानी का बहाव अचानक तेज हो सकता है और जलस्तर में भी तेजी से बदलाव हो सकता है। ऐसे में पैर फिसलने या बहाव की चपेट में आने के बाद बचाव का मौका तक नहीं मिल सकता। खासकर छोटे बच्चों को लेकर ऐसे स्थानों पर पहुंचना बेहद खतरनाक है।
रतनपुर पुलिस द्वारा खूंटाघाट सहित नदी-नालों, डेम और वेस्टवियर के आसपास लगातार निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सुरक्षा के लिए लगाए गए गेट और बैरिकेड को पार न करें तथा प्रतिबंधित एवं खतरनाक स्थानों पर जाने से पूरी तरह बचें।
पुलिस की अपील बिल्कुल साफ है—सेल्फी और रील जिंदगी से बड़ी नहीं है। बारिश के मौसम में खूंटाघाट समेत सभी नदी-नालों, डेम और वेस्टवियर से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और खुद के साथ अपने परिवार की जिंदगी को भी खतरे में डालने से बचें।


