Thursday, April 23, 2026
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छत्तीसगढ़ / मां की गोद से बेटे को हाथी ने सूंड से छीना, फिर दोनों को कुचल डाला; दो अन्य गंभीर

राजपुर के सेवारी गांव में हाथियों के झुंड ने रात में किया लोगों पर हमला

बस्ती में हाथियों के घुसने के बाद महिला बेटे को गोद में लेकर भाग रही थी

राजपुर. बलरामपुर जिले के राजपुर इलाके के ग्राम पंचायत सेवारी के सरनापारा में शुक्रवार आधी रात प्यारे हाथी ने महिला और बेटे को पटककर मार डाला। बस्ती में हाथियों के घुसने के बाद महिला बेटे को गोद में लेकर भाग रही थी। इसी दौरान हाथी ने बाउंड्री पार कर महिला की गोद से बेटे को सूंड में लपेटकर फेंक दिया।

बेटा पेड़ से टकराकर 15 फीट नीचे धान के खेत में जा गिरा। महिला ने भी बेटे को बचाने के लिए खेत में छलांग लगा दी। इस दौरान हाथी भी पीछे से पहुंच गया और मां-बेटे को कुचलकर मार डाला। हाथी ने दो और महिलाओं पर हमला कर घायल कर दिया। गंभीर हालत में दोनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

शुक्रवार रात साढ़े 11 बजे हाथियों का दल जंगल से सरनापारा बस्ती में घुसा। हाथियों के बस्ती में घुसते ही अफरा- तफरी मच गई। ग्रामीण घरों से निकलकर भागने लगे। इस दौरान सरनापारा निवासी सरोज 35 वर्ष पति चार्जगन तिर्की  साढ़े चार साल के बेटे विवेक को गोद में लेकर गांव की भागी थी। प्यारे हाथी ने महिला को दौड़ना शुरू कर दिया। बेटे को गोद में लेकर महिला भाग नहीं पाई और हाथी ने चपेट में ले लिया।

इसके अलावा हाथी ने शांति संगे 59 वर्ष पति ओपल तिर्की व अमरमणि 58 वर्ष पति मोहन तिर्की को दौड़ाकर घायल कर दिया। दोनों महिलाओं ने छिप कर अपनी जान बचाई। बरसात में भी ग्रामीण हाथियों के डर से खुले में रात बिता रहे हैं। हाथियों के इस दल में प्यारे हाथी के अलावा 2 बच्चे सहित 7 नर व 6 मादा हाथी हैं।

डर से छिपे रहे ग्रामीण, खेत में पड़े रहे शव : मां और बेटे का शव रात डेढ़ बजे तक खेत में पड़े रहे। ग्रामीण डर से मौके पर जाने का साहस नहीं जुटा पाए। वहीं प्यारे हाथी देर तक मौके पर डटा रहा। हाथियों के जाने के बाद ग्रामीण पहंुचे। एम्बुलेंस पहुंची, लेकिन सरनापारा पहुंच मार्ग में नाला पड़ता है इसलिए एम्बुलेंस वहां नहीं जा पाई। ट्रैक्टर से शवों व घायल महिलाओं को सीएचसी पहुंचाया गया।

डेढ़ साल में 43 लोग मारे गए : हाथियों के उत्पात पर नियंत्रण के लिए करोड़ों रुपए फूंक दिए गए लेकिन एक भी उपाय हाथियों के आगे नहीं टिक रहा है। रेडियो कॉलर लगाकर हाथियों पर नियंत्रण का दावे के भी पोल खुल गई है। प्रभावित गांवों में ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए दिए गए टार्च, मशाल, फेसिंग पोल का भी लाभ नहीं मिला है। डेढ़ साल में हाथी 43 को मार चुके हैं।

विधायक ने जताई नाराजगी : घटना की जानकारी पर सामरी विधायक चिंतामणी महाराज और वन विभाग के अफसर गांव पहुंचे थे। ग्रामीणों ने हाथियों के हमले में लोगों की हो रही मौत को लेकर नाराजगी प्रकट करते हुए नियंत्रण के लिए कारगर कदम उठाए जाने की मांग की। इस दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी, एसडीओ आदि उपस्थित थे।

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